
नवभारत न्यूज
खंडवा-ओंकारेश्वर। तीर्थनगरी ठसा-ठस हो गई है। आस्थावानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लोग अपने घरों में बिना कागजात और होटल्स नियमों के घरों में ठहराने लगे हैं। इनका रजिस्ट्रेशन कम ही होता है। हाल ही में एक फ्रांसीसी नागरिक की ऐसे ही घर में मौत के बाद मामला खुला। प्रशासन और पुलिस के अफसरों को समझ में आया कि निजी तरीके से विदेशी को रोकना बड़ा अपराध है।
एसपी मनोज राय ने बताया, कि बालवाड़ी ओंकारेश्वर का राजेश पिता रामनाथ ठक्कर उम्र 48 साल ने अपने घर में गेस्ट हाउस बना रखा है। एक लेजर रजिस्टर यात्रियों का तैयार किया गया है। जिस पर से थाना मांधाता पुलिस ने गेस्ट हाउस रजिस्टर को चेक किया। रजिस्टर के पेज कमांक 124 के पृष्ठ भाग पर रूम नंबर 105 में डेलोर्स स्टीपान एलेक्जेण्डर निवासी फ्रांस के नागरिक का नाम दर्ज था। रूम नंबर 105 में उक्त विदेशी नागरिक को रुकवाना पाया गया।
संवेदनशील है मामला
राजेश ठक्कर ने विदेशी नागरिक के रुकने के संबंध में कोई लिखित एवं मौखिक सूचना विधिक सूचना नहीं दी। आरोपी राजेश ठक्कर द्वारा जिला दण्डाधिकारी खंडवा के आदेश पर में वर्णित होटल, लॉज धर्मशाला व मुसाफिर खाना में बाहर से आने वाले व्यक्तियों को ठहराने के पूर्व प्रमाणित पहचान पत्र के पश्चात ही ठहराएं। इसकी सूचना संबंधित थाने को देना जरूरी है।
गंभीर धाराओं में प्रकरण
इसके बाद भी आरोपी राजेश ठक्कर द्वारा थाना मांधाता पर विदेशी फ्रांसीसी नागरिक डेलोर्म स्टीफन एलेक्जेण्डर के रूकने की कोई जानकारी नहीं दी थी। आरोपी पर धारा 223 भारतीय न्याय संहिता का पाया जाने से थाना मांधाता पर अपराध क्रमांक 63/2025 धारा 223 बी.एन.एस का अपराध पंजीबन्द कर विवेचना में लिया है।
एसपी ने दी हिदायत
पुलिस अधीक्षक खंडवा ने अपील की है, कि सभी लॉज, होटल, गेस्ट हाउस, यात्री निवास आदि स्थानों पर बाहरी व्यक्ति रुकने पर मालिक एवं मैनेजर उनकी जानकारी सम्बंधित थाने में आवश्यकता रूप से दें। विदेशी नागरिकों को रोकने के लिए अलग से थाने से सम्पर्क कर रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं। अन्यथा नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
