
*चरित्रहीनता के शक में प्राइवेट पार्ट डैमेज किया, पत्नी ने खुद को एक घंटे बाथरूम में बंद रखा*
नवभारत न्यूज
शिवपुरी। एक पति ने अपनी पत्नी को चरित्रहीनता के शक में चाकू और हंसिए से 30 से 40 बार गोदा। दोनों आंखें फोड़ने की कोशिश की। प्राइवेट पार्ट को डैमेज किया। कंबल में लपेटकर उसे पलंग के नीचे छिपा दिया।
इसके बाद खुद साढ़ू के पास जाकर कह दिया, उसे मारकर आया हूं। उसने जिस प्रकार से वार किए, इससे ऐसा प्रतीत होता है कि वह उसे तड़पाकर मारना चाहता था। पत्नी पर हमले के बाद पति 13 किमी पैदल चलकर रातभर जंगल में छिपा रहा। शहर से बाहर भागने के पहले वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
ककरौआ गांव के रहने वाले हमीद खान की बेटी शहनाज (24) की शादी 3 साल पहले ग्राम चकराना निवासी छोटू खान से हुई थी। शादी के बाद दोनों पति-पत्नी पोहरी में अकेले रहते थे। छोटू मोबाइल की दुकान पर काम करता था। छोटू को शक था कि उसकी पत्नी का पड़ोस के रहने वाले अनिल से अफेयर है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद था। दोनों के बीच हुए झगड़े के बाद शहनाज करीब तीन माह से अपने मायके चली गई थी, लेकिन छोटू चार दिन पहले वापस ले आया था। बुधवार को छोटू ने हंसिया और चाकू से पत्नी पर ताबड़तोड़ प्रहार किया और फरार हो गया।महिला का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर है।
पोहरी एसडीओपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपी छोटू खान के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। टीआई रजनी चौहान ने बताया कि आरोपी पति छोटू को पिपरगार गांव के पास से पकड़ लिया गया है। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की और पुलिया से छलांग लगा दी, जिससे वह घायल हो गया।
प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि उसे शक था कि पत्नी का अनिल से अफेयर चल रहा है। उसका कहना है कि उसने तीन महीने पहले उसे घर से निकलते देखा था। तब से उसे शक था कि पत्नी उससे फोन पर बात करती है। रात को वह नशे की हालत में घर आकर सो गया था। इस दौरान उसे एहसास हुआ कि कोई उसके घर आया है। सुबह सोकर उठा और पत्नी से इसी बात को लेकर विवाद करने लगा। उसने पूछा – तेरे पास फोन नहीं है, फिर बात कैसे करती है। उसने तुझे फोन दिया है, वो फोन मुझे लाकर दे। उसने फोन होने से मना किया, इस पर मुझे गुस्सा आ गया। पत्नी ने कई बार मुझे समझाया कि उनका कोई गलत संबंध नहीं है, लेकिन मैं नहीं माना। दिनभर इसी बात को लेकर विवाद चलता रहा।
*पुलिस को देखकर आरोपी ने पुलिया से छलांग लगा दी*
पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिया से छलांग लगा दी, जिससे वह घायल हो गया।
शाम को करीब साढ़े 5 बजे विवाद बढ़ गया। मैंने उसे मारने की कोशिश तो वह छूटकर बाथरूम में भागी और दरवाजा बंद कर लिया। करीब एक घंटे तक वह बाथरूम में बंद रही। मैंने पहले तो दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, बाद में उसके बाहर निकलने का इंतजार करने लगा। मैंने आवाज नहीं की तो उसे लगा कि कहीं चला गया हूं। वह जैसे ही बाहर निकली मैंने उसे पकड़ लिया और पीटने लगा।
गुस्से में पास रखी हंसिया और चाकू से उस पर वार कर दिया। आंख के साथ ही शरीर के अन्य जगह भी चाकू मारे। मारने के बाद मरा समझकर कंबल में लपेटा और पलंग के नीचे छिपा दिया। डेढ़ साल के बच्चे को लेकर मैं अपने साढ़ू इमरान की दुकान पर पहुंचा। बच्चे को उसे दे देते हुए कहा- इसे पकड़, मैं अपनी पत्नी को खत्म कर आया हूं, इसके बाद वहां से भाग गया।
छोटू ने बताया कि हमले के बाद सीधे पड़ोसी महेंद्र धाकड़, जो पोहरी बस स्टैंड पर मोबाइल की दुकान चलाता है, वहां पहुंचा। यहां महेंद्र का छोटा भाई अनिल कुछ परिचितों के साथ बैठा दिखा। मुझे अनिल पर शक था, इसलिए मैंने हंसिया से उस पर हमला कर दिया। अनिल ने खुद को किसी तरह बचा लिया। इसके बाद वहां से मैं भाग निकला। घर से करीब 13 किमी चलकर पोहरी स्थित जंगल में जाकर छिप गया। अगले दिन वहां से निकलकर हाईवे पहुंचकर वहां से कहीं और जाने का प्लान था।
*साढ़ू से कहा- पत्नी को खत्म कर आया हूं*
घायल महिला की छोटी बहन के पति इमरान ने बताया कि वह दुकान पर था, तभी छोटू खून से सने कपड़े में वहां आया। उसने कहा था कि वह अपनी पत्नी को खत्म करके आया है। इतना कहकर बच्चे को मुझे दिया और भाग गया। उसकी बात सुनकर मैं सीधे उसके घर पहुंचा। यहां शहनाज को आवाज लगाई, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। मैंने तलाश किया तो पलंग के नीचे से कुछ आवाज सुनाई दी। झांककर देखा तो शहनाज पलंग के नीचे कंबल में लिपटी मिली। वह खून से सनी थी। उसे लोगों की मदद से तत्काल पोहरी अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोपहर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।
