
० शहर में दशकों से जारी अतिक्रमण कर बिना अनुमति और निर्धारित मापदंडों के विपरीत भवन निर्माण के विकसित कालोनियों में आवागमन सहित मूलभूत समस्याओं का अम्बार
सीधी 15 फरवरी। शहर में दशकों से जारी अतिक्रमण कर बिना अनुमति और निर्धारित मापदण्डों के विपरीत भवन निर्माण के विकसित कालोनियों में आवागमन सहित मूलभूत समस्याओं के अम्बार के साथ शहर की सूरत बिगाडऩे के बाद भी अतिक्रमण थम नही रहा है।
यहां बताते चलें कि शासन के निर्धारित मापदण्डों का उल्लंघन कर बने और बन रहे भवनों से संर्कीण सडक़ों, नालियों के अभाव की समस्या गंभीर रूपय से सामने आ रही है। बिना अनुमति के अवैध निर्माण से शहर अतिक्रमण की चपेट में आ रहा है। नगर निकाय क्षेत्र सीधी में बिना अनुमति के आवासीय एवं व्यवसायिक भवनों के अतिक्रमण कर अवैध निर्माण से नगर की सडकें संर्कीण होने से पानी निकासी हेतु नाली निर्माण की जगह नहीं बच पाती। वहीं संर्कीण सडक़ों के कारण वाहनों की पार्किंग से नगर के बाजार क्षेत्र में जाम की स्थिति निर्मित होने के साथ नगरवासियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सीधी शहर के 24 वार्डों में आधे से ज्यादा वार्ड बाजार क्षेत्र से लगे हुये हैं। पुराने वार्डों में दशकों पहले भवनों का निर्माण कराया गया था। उस दौरान भी कई भवन ऐसे बने हैं कि सामने की सडक़ पर अतिक्रमण है और नाली निर्माण के लिये भी समुचित जगह नहीं है। नगर पालिका के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते ऐसे भवन नियमों की अनदेखी के बाद भी 2 से 3 मंजिला बन चुके हैं। पुराने भवनों को छोड़ दिया जाय तो जो अब नये भवनों का निर्माण हो रहा है उसमें और भी ज्यादा अतिक्रमण देखने को मिल रहा है। भवन निर्माण के दौरान भूमि स्वामियों द्वारा खरीदी गई भूमि के पूरे रकवे में भवन का निर्माण मनमानी तरीके से कर लिया जाता है बाद में सामने सडक़ पर सीढिय़ां बनाकर अतिक्रमण कर लिया जाता है।
विडम्बना यह है कि नगर पालिका के जिम्मेदारों की नजर बिना अनुमति के बनाये जा रहे भवनों पर नहीं पड़ती साथ ही सडक़ एवं नाली पर होने वाला अतिक्रमण भी नहीं दिखता। नगर पालिका की स्थिति यह है कि कोई भी जिम्मेदार अधिकारी वार्डों का निरीक्षण करने की जरूरत नहीं समझता।
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अतिक्रमण से मुक्त कराने अभियान की दरकार
शहर में कई ऐसी कालोनियां हैं जो कि सडक़ों में अतिक्रमण की समस्या से घिरी हुई हैं। प्रशासन द्वारा सडक़ों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिये कोई अभियान न चलाने से अब तो स्थिति यह हो रहा है कि कई कालोनियों में जरूरत के समय एम्बुलेंस एवं फायर बिग्रेड के पहुंचने में भी समस्याएं निर्मित हो रही हैं। शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन को अभियान चलाने की दरकार है।
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इनका कहना है
शहर में दशकों से जारी अतिक्रमण से शहर की सूरत बिगाडऩे के साथ यह शहर के कुछ क्षेत्रों से शुरु हुआ अतिक्रमण रुपी जख्म अब नासूर बन गया है। जब तक बिना किसी आर्थिक एवं राजनैतिक दबाव के साथ-साथ भाई-भतीजावाद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अभियान चलाकर सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ठोस कदम नही उठाए जाते हैं तब तक इस जटिल समस्या का समाधान नही हो सकता है। पूर्व परिषद के कार्यकाल के दौरान मेरे द्वारा इस मामले को प्रमुखता से परिषद की बैठकों में कई बार उठाया गया था।
नीरज गुप्ता, पूर्व पार्षद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सीधी
नगर पालिका परिषद सीधी की पूर्व के परिषद की बैठक में यह मामला प्रमुखता से उठाया गया था। इस परिषद में भी इस विषय को रखा गया है। लेकिन अतिक्रमणकारियों द्वारा आर्थिक या राजनैतिक दबाव बनाकर कार्यवाही को रुकवा दिया जाता है। निर्धारित मापदंडों के विपरीत अतिक्रमण कर पहले बने भवनों का उदाहरण देकर नये भवनों का निर्माण बिना किसी अनुमति और निर्धारित मापदंडों के बेधडक़ आज भी बन रहे हैं। मेरे द्वारा परिषद की आगामी बैठक में इस मामले को पुन: प्रमुखता से रखा जायेगा।
रजनीश श्रीवास्तव, पार्षद नपा सीधी
नवभारत के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इसे गंभीरता से लेते हुए दल गठित इसकी जांच कराई जाएगी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर चिन्हित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
जान्हवी शुक्ला, प्रभारी तहसीलदार गोपद बनास
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