
शिवपुरी। नर सेवा नारायण सेवा के इस ब्रह्म वाक्य को चरितार्थ रहा है शिवपुरी का अपना घर सेवा आश्रम। इस आश्रम में प्रियदर्शिनी सिंधिया पहुंचीं उनका सवाल था कि यहां पर ऐसे मानसिक दिव्यांग प्रभुजी रह रहे थे जो 25 साल से परिवार से बिछड़े थे व उनका मिलन महीने भर पहले यहीं हुआ, क्या यह सही है। जब यह सवाल शिवपुरी भ्रमण के दौरान अपना घर पहुंची प्रियदर्शिनी ने अपना घर टीम के अध्यक्ष रमेश चंद्र अग्रवाल और महिला अध्यक्ष बबिता जैन से पूछा तो जवाब में वह बोलीं कि यह एक प्रकरण नहीं, ऐसे कई सारे प्रकरण है जिनमें बिछड़े दंपती कई दशकों बाद आपस में मिले हैं। इतना सुनने के बाद प्रियदर्शिनी ने कहा कि यह तो फिल्मों जैसा है, एकदम चमत्कार। आपको सेवा को मैं नमन करती हूं।
*पत्नी बोली- दूसरी शादी नहीं की, विश्वास था एक दिन पति जरूर मिलेंगे*
दरअसल अब से एक महीने पहले बिहार के मानसिक दिव्यांग प्रभुजी जो 25 साल पहले गुम हो गए थे और गुना के पास कुंभराज में बंधुआ मजदूर के रूप में काम करते हुए कैदी के रूप में मिले थे। पुलिस ने उन्हें ढाई साल पहले शिवपुरी अपना घर आश्रम भेज दिया था यहां जब उनकी याददाश्त वापस आई तो इसकी सूचना परिजनों को दी थी। जिस पर परिजन उनसे 25 साल बाद मिलने आए और उनकी पत्नी ने घर वालों की जिद के बाद दूसरी शादी नहीं की, उन्हें विश्वास था कि एक दिन पति जरूर मिलेंगे और हुआ भी यही। यह वाकया जब अपना घर परिसर में प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया ने सुना तो वह भाव विहल हो उठी।
