
ग्वालियर। एमआईटीएस में एनीग्मा 2के25 का आगाज़ सम्मान और जोश के साथ हुआ, जहां रिटा. लेफ्टिनेंट कर्नल जितेंद्र सिंह भदौरिया और जसकरण सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। उनका डॉ. मंजरी पंडित, आईएसटीई चैप्टर एमआईटीएस चेयरपर्सन, डॉ. विशाल चौधरी, आईएसटीई फैकल्टी कोऑर्डिनेटर द्वारा स्वागत किया गया।
डीम्ड यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मौर्य ने बताया कि रक्षा संगोष्ठी नाम, नमक, निशान में लेफ्टिनेंट कर्नल भदौरिया ने अपनी 24 वर्षों की विशिष्ट सैन्य सेवा के अनुभव साझा किए। उन्होंने ऑपरेशन रक्षक के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, मणिपुर और मिज़ोरम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने 165, 120, 130 और 119 रेजिमेंट में अपनी सेवाओं के दौरान अर्जित नेतृत्व और रणनीतिक अनुभवों को भी साझा किया। सिर्फ अनुभव ही नहीं, उन्होंने सेना में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को मार्गदर्शन भी दिया। उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र में प्रवेश के लिए आवश्यक योग्यताएँ, चयन परीक्षाओं की तैयारी और सेना में सेवा के लिए आवश्यक मानसिक एवं शारीरिक दक्षता कैसे विकसित करें।
उनकी प्रेरणादायक बातें श्रोताओं के मन में देशभक्ति और सैन्य सेवा के प्रति सम्मान की भावना को प्रज्वलित कर गईं। इस जोशपूर्ण और प्रेरणादायक शुरुआत के साथ, एनीग्मा 2के25 ज्ञान, साहस और नई संभावनाओं की दिशा में एक अभूतपूर्व यात्रा पर निकल चुका है।
