मुंबई 07 फरवरी (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ब्याज दर जोखिम प्रबंधन के लिए बाजार सहभागियों को नए उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अब सरकारी प्रतिभूतियों में भी वायदा अनुबंधों की शुरूआत करने जा रहा है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक में लिए गये निर्णयाें की जानकारी देते हुये शुक्रवार को कहा कि आरबीआई ब्याज दर जोखिम प्रबंधन के लिए बाजार सहभागियों को नए उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्याज दर स्वैप, ब्याज दर विकल्प, वायदा दर समझौते और अन्य उत्पादों के बाद अब सरकारी प्रतिभूतियों में वायदा अनुबंधों की शुरुआत की जा रही है।
श्री मल्होत्रा ने कहा कि इस पहल से बीमा फंड जैसे दीर्घकालिक निवेशकों को ब्याज दर चक्रों के दौरान अपने जोखिम को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह बाॅन्ड आधारित डेरिवेटिव के कुशल मूल्य निर्धारण को भी सक्षम करेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दिसंबर 2023 में मसौदा निर्देश जारी किए गए थे। सार्वजनिक प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।
