दतिया: थाना सेवढ़ा में पदस्थ आरक्षक भरत सिंह रावत बीते चार दिनों से लापता हैं, जिसके बाद उनके छोटे भाई सुदर्शन रावत ने कोतवाली थाना दतिया में शिकायती आवेदन देकर अपने भाई की जान को खतरा बताया है। सुदर्शन रावत ने थाना प्रभारी धवल सिंह चौहान और उनके ड्राइवर लव सेन पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।सुदर्शन रावत का कहना है कि उनके भाई भरत सिंह रावत ने सेवढ़ा क्षेत्र में चल रहे जुआ, सट्टा और अवैध शराब के अड्डों का विरोध किया था, जिसके चलते उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करवाई गई और एक हफ्ते में दो बार उनका एक्सीडेंट भी कराया गया।
भाई ने जताई हत्या की आशंका
सुदर्शन रावत का आरोप है कि 31 जनवरी 2025 को उनके भाई का एक्सीडेंट हुआ था, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा है और उनका फोन भी लगातार बंद आ रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके भाई को कहीं बंद करके रखा गया है या उनकी हत्या कर दी गई है। तीन दिन पहले आरक्षक भरत सिंह रावत का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने सेवढ़ा क्षेत्र में चल रहे जुआ, सट्टा और अवैध शराब के कारोबार का खुलासा किया था।
वीडियो में उन्होंने खुद और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए कहा था कि अगर उनके साथ कुछ अनहोनी होती है तो उसके लिए थाना प्रभारी धवल सिंह चौहान जिम्मेदार होंगे। आरक्षक भरत सिंह रावत की गुमशुदगी से उनका पूरा परिवार सदमे में है। उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं उनकी सिर्फ डेढ़ महीने की मासूम बेटी है, जिसे देखभाल की सख्त जरूरत है।परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने और आरक्षक भरत सिंह रावत की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस विभाग में भी हलचल मची हुई है।
