सैकड़ों किमी से आए भक्त शिखर दर्शन कर बैरंग लौटे

नवभारत न्यूज

खंडवा-ओंकारेश्वर। रविवार को डेड लाख भक्त ओंकारेश्वर पंहुचे। हजारों लोग बगैर दर्शन के लौट गए। आस्था के चलते पांच-पांच घंटे लाइन में लगे रहे लोग।

खंडवा के जिला प्रशासन के लिए इससे शर्मनाक कुछ भी नहीं हो सकता,जब सैकड़ों किलोमीटर से दर्शन करने लोग पहुंचें, और शिखर दर्शन करके बैरंग लौट जाएं? नए कलेक्टर को यह सब जानना जरूरी है। खंडवा की देशभर में श्रद्धालु बदनामी भी करते हैं। यहां न सफाई है, न ही इंतजाम का तरीका। यहां तैनात कर्मचारी खुद को भगवान से कम नहीं समझते। एक बार तो पंडे ने मंदिर प्रशासक व एसडीएम को ही थप्पड़ जड़ दिए थे।

ओंकारेश्वर दर्शन व व्यवस्था के लिए अलग से एसडीएम स्तर के प्रशासक की व्यवस्था जरूरी हो गई है। यहां तो पुनासा एसडीएम को ही अतिरिक्त प्रभार दे दिया जाता है। कर्मचारी व ट्रस्ट वाले मनमानी कर माल कमा रहे हैं। नए कलेक्टर को सबसे पहले एक पुण्य का काम यही करना चाहिए। उज्जैन महांकाल में मंदिर में एसडीएम प्रशासक अलग से नियुक्त है। पिछले कलेक्टरों ने ऐसा ओंकारेश्वर में इसलिए नहीं किया क्योंकि वे भी ढीली और लचर व्यवस्था के आदी हो गए थे।

रविवार को ओंकारेश्वर में करीब डेढ़ लाख से भी अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। भीड़ अधिक होने के कारण हजारों भक्त बिना दर्शन के शिखर दर्शन करके लौट गए।

ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर का गर्भग्रह छोटा होने के कारण अधिक भक्त नहीं निकाल पाते हैं। अव्यवस्था के कारण दिन भर में करीब 50-60 हजार भक्त ही दर्शन कर पा रहे हैं। मैनेजमेंट व प्रशासन की ढीलाई है,जो नए कलेक्टर को समझना चाहिए। अव्यवस्थाएं और हल बताने के लिए लोग तैयार हैं, लेकिन मंदिर के कर्मचारी अपने हित साध रहे हैं। मंदिर खुलने के साथ ही भक्तों की लाइन दोनों पुलों पर लग गई थी। शनिवार को भी 1 लाख आस्थावान यहां पहुंचे थे। नर्मदा जयंती को भी डेढ़ से दो लाख आस्थावान जमा होंगे। घाटों और मंदिरों में भीड़ बढऩा शुरू हो गई है। एक बार बड़े पुल पर करंट की अफवाह से भगदड़ व 10 से ज्यादा लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

सुबह 9 बजे के बाद भीड़ का दबाव बढ़ता चला गया। माध्यन्ह भोग के बाद तो लंबी लाइन लग गई। मंदिर प्रशासन,जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था रखी। किंतु भीड़ अधिक होने के कारण व्यवस्थाएं भी बौनी साबित होती रही। श्रद्धालु भक्तों की आस्था के आगे सभी व्यवस्था बोनी साबित हुई। लाइन में लग कर बड़े भाव के साथ भक्तों ने दर्शन किए।

शीघ्र दर्शन बन्द ऱहे। अनेक भक्त शीघ्र दर्शन की चाहत में इधर-उधर घूमते हुए दिखाई दिए । भक्तों ने मांग की है कि वी आई पी शीघ्र दर्शन टिकट बंद नहीं किए जाना चाहिए। इस टिकट से मंदिर को भी आय होगी। साथ ही शीघ्र वापस लौटने वाले भी टिकट लेकर दर्शन कर सकेंग। उनकी एक अलग से लाइन बना देना चाहिए.।

वीआईपी टिकट बंद होने से लाखों रुपए का नुकसान मंदिर टेस्ट को हो रहा है। बसंत पंचमी रविवार को भी मनाई गई, किंतु बसंत पंचमी सोमवार को भी है। ओंकारेश्वर के आसपास के क्षेत्र में सामूहिक विवाह के आयोजन हुए मार्कंडेय संयास आश्रम में सोमवार 3 फरवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर निशुल्क उपनयन संस्कार एवं सामूहिक विवाह कराया जाएगा।

Next Post

कांग्रेस ने चुनाव में धांधली की निगरानी के लिए बनाया नेताओं, विशेषज्ञों का समूह

Sun Feb 2 , 2025
नयी दिल्ली, 02 फरवरी (वार्ता) कांग्रेस ने देश मे चुनावी निष्पक्षता की निगरानी और चुनाव में किसी भी स्तर पर धांधली रोकने के लिए वरिष्ठ नेताओं तथा विशेषज्ञों का कार्रवाई समूह (ईएजीएलई) गठित किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी अध्यक्ष […]

You May Like