यरूशलम, 17 मई (वार्ता) इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने यरूशलम दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष बैठक में कहा है कि हमास का शीर्ष कमांडर इज़ अल-दीन अल-हद्दाद मारा जा चुका है और इजरायल अपने सभी बंधकों को वापस लाने के साथ-साथ हमले के प्रत्येक जिम्मेदार व्यक्ति को खत्म करने के लक्ष्य के “बहुत करीब” पहुंच चुका है।
फ्रूमिन हाउस स्थित नेसेट संग्रहालय में आयोजित बैठक की शुरुआत में श्री नेतन्याहू ने लेबनान में मारे गए कैप्टन माओज़ इजरायल रिकानाती को रविवार को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि रिकानाती ने अपनी मंगेतर और निजी जीवन को पीछे छोड़कर युद्ध में अपने सैनिकों का नेतृत्व किया और शहीद हो गए।
श्री नेतन्याहू ने लेबनान मोर्चे पर जारी सैन्य अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इजरायल क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखने, इलाके को ‘साफ करने’ और सीमावर्ती बस्तियों की सुरक्षा के साथ-साथ ऐसे दुश्मन से लड़ रहा है, जो नयी रणनीतियों का इस्तेमाल कर रहा है।
उन्होंने कहा कि छह वर्ष पहले ही उन्होंने ड्रोन खतरे को लेकर कैबिनेट को आगाह किया था। शुरुआत में इसे सार्वजनिक हस्तियों की लक्षित हत्या के खतरे के रूप में देखा गया, लेकिन बाद में यह आधुनिक युद्ध का प्रमुख हथियार बन गया।
श्री नेतन्याहू ने कहा कि उनके निर्देश पर इजरायली सेना ने टैंकों पर सुरक्षा कवच लगाए और रक्षा मंत्रालय तथा सेना ने वर्षों में हजारों ड्रोन एवं यूएवी हमलों को विफल किया है। उन्होंने कहा कि अब इजरायल “एफपीवी ड्रोन” यानी फर्स्ट पर्सन व्यू या फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन के नए खतरे का सामना कर रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए रक्षा मंत्री, रक्षा मंत्रालय, रक्षा उद्योग और नागरिक क्षेत्र के विशेषज्ञों की विशेष टीम गठित की गयी है।
श्री नेतन्याहू ने कहा, “मैंने उनसे कहा कि आपके सामने कोई बजटीय सीमा नहीं है। आपकी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता पर भी कोई सीमा नहीं है, क्योंकि आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लोग हैं।” उन्होंने विश्वास जताया कि इजरायल इस खतरे का भी पूर्ण समाधान खोजने वाला पहला देश बनेगा। श्री नेतन्याहू ने गाज़ा पट्टी की स्थिति पर कहा कि सप्ताहांत में इज़ अल-दीन अल-हद्दाद को मार गिराया गया, जो हमास की सैन्य शाखा का “नंबर एक” कमांडर था।
उन्होंने आरोप लगाया कि अल-हद्दाद हजारों इजरायली नागरिकों और सैनिकों की हत्या, घायल करने तथा अपहरण के लिए जिम्मेदार था और उसने बंधकों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया। श्री नेतन्याहू ने कहा, “मैंने दो वादे किए थे। पहला, कि हम अपने सभी बंधकों को वापस लाएंगे, और हम उन्हें वापस लाए। दूसरा, कि नरसंहार और अपहरण के हर जिम्मेदार व्यक्ति को खत्म किया जाएगा। हम इस लक्ष्य को पूरा करने के बेहद करीब हैं।”
उन्होंने दावा किया कि गाजा में अब इजरायल का नियंत्रण 50 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत क्षेत्र तक पहुंच गया है और हमास “इजरायल की पकड़” में है। इजरायल का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गाजा भविष्य में कभी भी इजरायल के लिए खतरा न बने। श्री नेतन्याहू ने लेबनान, गाजा और तेहरान के आसमान में लड़ रहे इजरायली सैनिकों, पायलटों और महिला सैनिकों की प्रशंसा करते हुए उन्हें “नायक और नायिकाएं” बताया।
उन्होंने कहा कि इजरायल की नजरें ईरान पर भी बनी हुई हैं और वह हर संभावित स्थिति के लिए तैयार है। श्री नेतन्याहू ने कहा कि वह शीघ्र ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करेंगे और चीन यात्रा से जुड़े उनके अनुभवों एवं अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, “कई संभावनाएं मौजूद हैं और हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
