
29 जनवरी की दरमियानी रात जब मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में भगदड़ मची तो कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी. ये वो वक्त था जब श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं. लेकिन ऐसे में प्रयागराज के मुसलमान भाई हिंदू श्रद्धालुओं की मदद को आगे आए. उन्होंने हिंदू श्रद्धालुओं के लिए मस्जिदें खोल दीं, ताकि उन्हें किसी भी तरह की तकलीफ न हो. और क्या-क्या किया मुसलमान भाइयों ने चलिए जानते हैं..
महाकुंभ (Mahakumbh) के दौरान प्रयागराज (इलाहाबाद) में फिर एक बाद गंगा-जमुनी तहजीब का नजारा देखने को मिला. संगम नगरी में आए श्रद्धालुओं के साथ भगदड़ में जो हुआ, उसे शायद वो कभी नहीं भुला पाएंगे. लेकिन एक अच्छी याद जो वो साथ लेकर जा रहे हैं, वो है मुसलमानों (Hindu-Muslim Ekta) को उनके साथ इस दुख भरी घड़ी में साथ देना. भगदड़ के बाद कई हिंदू श्रद्धालुओं को उस वक्त न रहने को और न खाने पीने को जब कुछ मिल रहा था, तो मुसलमान भाइयों ने उनका साथ दिया. उन्होंने हिंदू श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए मस्जिदें खोल दीं. खाने के लिए लंगर लगाए और ठंड से बचाने के लिए कंबल भी बांटे.
