
केंद्रीय बजट 2024 को लेकर डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह बजट बेहद निराशाजनक है. उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दी गई कर छूट पर सवाल उठाते हुए कहा कि बजट में 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं बताया गया, लेकिन बाद में 8-12 लाख रुपये की आय पर 10% कर लगाने की बात कही गई, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है. उन्होंने इसे एक तरह से मतदाताओं को लुभाने की रणनीति करार दिया और कहा कि मध्यम वर्ग को फिर से ठगा गया है, क्योंकि यह छूट सीधी और सरल नहीं है, बल्कि इसमें कई तकनीकी जटिलताएँ हैं, जैसे कि टीडीएस का दावा करना.
– दयानिधि मारन ने आगे कहा कि इस बजट में देश के बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि इसे बिहार चुनाव को देखते हुए बिहार केंद्रित कर दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं कहा गया, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकार क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में विफल रही है. उनका मानना है कि यह बजट राष्ट्रीय विकास को दरकिनार कर चुनावी राजनीति से प्रेरित है, जिससे देश के अन्य हिस्सों को अनदेखा किया गया है.
