
सतना : एक ओर जहां जिला और रेल प्रशासन द्वारा इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है कि शारदेय नवरात्रि के अवसर पर देश के कोने-कोने से मैहर स्थित मां शारदा धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो. लेकिन वहीं दूसरी ओर कुछ आटो चालक और प्रसाद विक्रेताओं के बीच का खतरनाक गठजोड़ मैहर की छवि धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. कुछ ऐसी ही घटना गुरुवार को तब सामने आई जब मैहर पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ आटो चालक और प्रसाद विक्रेता द्वारा अड़ीबाजी, गाली-गलौच और मारपीट जैसी गंभीर घटना को अंजाम दिया गया.
नगर पुलिस अधीक्षक मैहर महेंद्र प्रताप सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार देवांश द्विवेदी नामक दर्शनार्थी अपने मित्रों के साथ शारदेय नवरात्रि के अवसर पर मैहर पहुंचा. गुरुवार की सुबह लगभग 7 बजे ट्रेन से उतरने के बाद उन्होंने मैहर रेलवे स्टेशन से मैहर मंदिर तक चलने के आटो लिया. आटो चालक ने प्रति व्यक्ति किराया 10 रु बताया. जिसे वे सभी देने को राजी हो गए. लेकिन मैहर मंदिर मेला क्षेत्र में पहुंचने के बाद आटो चालक ने दर्शनार्थियों ने अपनी दुकान से प्रसाद लेने के लिए कहा. यह सुनकर दर्शनार्थियों ने कहा उन्होंने आटो का किराया चुका दिया है और अब यह उनकी इच्छा पर निर्भर करता है कि वे कहां से प्रसाद लें.
लेकिन इसके बावजूद भी जब आटो चाले पीछे पड़ा रहा तो दर्शनार्थी उसकी दुकान पर प्रसाद लेने पहुंच गए. जब मामूली से प्रसाद के लिए दुकानदार ने हजार रु का बिल बना दिया तो दर्शनार्थियों का माथा ठनक गया और उन्होंने प्रसाद लेने से साफ इंकार कर दिया. बस फिर क्या था आटो चालक और दुकानदार उन्हें जबरदस्ती पकडक़र अंदर ले गए. दर्शनार्थियों के साथ गाली-गलौच और मारपीट करते हुए दोनों पैसे मांगने लगे. अड़ीबाजी करते हुए दोनों ने श्रद्धालुओं से कहा कि मैहर मेले में आए हो तो खर्चा देना ही पड़ेगा. शोर मचाकर किसी तरह जान बचाते हुए दर्शनार्थी वहां भाग निकलने में सफल हो गए. जिसके फौरन बाद ही घटना की शिकायत पुलिस से की गई.
छद्म नाम से चल रही थी दुकान
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम दिव्या पटेल, सीएसपी महेेंद्र सिंह चौहान, तहसीलदार जितेंद्र पटेल, कोतवाली थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी और मैहर देवीजी चौकी प्रभारी अरविंद द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए. वहीं फौरन हरकत में आई पुलिस ने आटो चालक और दुकानदार युसुफ खान और सोनू खान के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया. पुलिस द्वारा की गई जांच में यह जानकारी सामने आई कि आरोपियों द्वारा किराए पर दुकान प्राप्त कर वहां अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. इसके साथ ही आरोपियों द्वारा छद्म नाम गोपाल प्रसाद भण्डार के नाम से दुकान संचालित की जा रही थी. जिसे देखते हुए मां शारदा प्रबंध समिति के सहयोग से उक्त दुकान को सील कर दिया गया
