घटिया ईंट और गिट्टी डस्ट से तैयार हो रहे थे प्रधानमंत्री आवास
डिण्डौरी: आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का घर उपलब्ध कराना भारत सरकार कि महत्वपूर्ण योजना रही है,और इस महत्वपूर्ण योजनांतर्गत नगर परिषद क्षेत्र मे भी औरई मार्ग पर पक्के आवास बनाने का सिलसिला कच्छप गति से विगत छ:-सात वर्षों से होता आया है। इस दरमियाँ कितने ही कलेक्टर आये-गये और पत्राचार पर पत्राचार किये गये लेकिन आम आदमी के पक्के आवास का सपना आज तलक अधूरा है।
जानकारों कि माने तो जो आवास पूर्ण हुये भी तो उनमे अधिकांश आवास ऐसे अपात्रों को दे दिए गये जो प्रधानमंत्री आवास के नियम – शर्तों पर खरा नहीं उतरते। बहरहाल हाल ही मे जब हमने निर्माणधीन आवासो का जायजा लिया तो ठेकेदार के कर्मियों कि मौजूदगी मे घटिया इंटो और गिट्टी डस्ट का प्रयोग कर मसाला तैयार कर आवासों को तैयार किया जा रहा था। मतलब साफ है कि ठेकेदार अनुबंध कि शर्तों से परे मौ$के पर घटिया निर्माण कार्य करने पर आमादा है।
पूर्व में जारी किया गया था नोटिस
इस सिलसिले में हमने शुक्रवार को निर्माण कार्य की बागडोर संभाल रहे उपयंत्री शिवराज बघेल से कार्यालय में जाकर चर्चा की तो उन्होंने ने बताया कि शिकायत पर एक रोज पूर्व ही उनके द्वारा निर्माण स्थल का निरिक्षण किया गया था, जहाँ घटिया ईंट और मिट्टी डस्ट का उपयोग होना पाये जाने पर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी और उक्त मटेरियल का उपयोग ना किये जाने की हिदायत भी दी गई थी। इसके अलावा उपयंत्री ने यह भी बताया कि निर्माण कार्य में ठेकेदार की मनमानी के चलते लगभग एक सप्ताह पूर्व ही उन्हें नोटिस भी तामील किया गया था।
इनका कहना है
निर्माण कार्य में मनमानी की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बंधित उपयंत्री को मौके पर भेजा गया था, जहाँ उपयंत्री ने निर्माण कार्य की बागडोर संभाल रहे कम्पनी कर्मचारी को निर्देशित किया था कि घटिया निर्माण ना करें और मौके पर जो डस्ट पड़ी थी उसको उठवा दिया गया था। हाल ही में उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था और वह आगे भी ऐसा ही काम करते हैं तो उन्हें ब्लैक लिस्टेड कर दिया जायेगा।
अमित तिवारी,
मुख्य नपाधिकारी, नगर परिषद डिण्डौरी
