नयी दिल्ली (वार्ता) दवा निर्माता कंपनी टोरेंट फार्मा का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफा इसके पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 443 करोड़ रुपये के मुकाबले 13.5 प्रतिशत बढ़कर 503 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसे 503 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही के 443 करोड़ रुपये के मुकाबले 13.5 प्रतिशत अधिक है। आलोच्य अवधि में कंपनी का राजस्व 2732 करोड़ रुपये से मामूली बढ़त के साथ 2809 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने बताया कि फोकस थेरेपी में बेहतर प्रदर्शन के कारण भारत में उसका राजस्व 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी लेकर 1581 करोड़ रुपये रहा। टोरेंट के क्रॉनिक बिजनेस में 14 प्रतिशत जबकि आईपीएम में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एमएटी के आधार पर टोरेंट ने मजबूत नए लॉन्च प्रदर्शन की सहायता से फोकस थेरेपी में बाजार में बेहतर प्रदर्शन किया है। आईपीएम में शीर्ष 500 ब्रांडों में टोरेंट के 20 ब्रांड हैं, जिनमें से 13 ब्रांड 100 करोड़ से अधिक हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में दिसंबर तक उसका राजस्व 4,848 करोड़ रुपये रहा, जो 13 प्रतिशत अधिक है।
ब्राज़ील में कंपनी का राजस्व सात प्रतिशत कम होकर 291 करोड़ रुपये पर आ गया। उसके शीर्ष ब्रांडों के प्रदर्शन और हाल ही में लॉन्च किए गए नए उत्पादों से वृद्धि को बढ़ावा मिला। जर्मनी में कंपनी का राजस्व चार प्रतिशत बढ़कर 282 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा निविदाओं के बेहतर रूपांतरण के साथ-साथ वृद्धिशील निविदा जीत के साथ विकास की गति जारी है।
अमेरिका में कंपनी का व्यापार से राजस्व 271 करोड़ रुपये रहा, जो पहले की तुलना में एक प्रतिशत कम है। स्थिर मुद्रा पर राजस्व 3.2 करोड़ डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में तीन प्रतिशत कम है। तिमाही के दौरान यूएसएफडीए ने मध्य प्रदेश के पीथमपुर में विनिर्माण सुविधा के लिए वीएआई वर्गीकरण के साथ एक ईआईआर जारी किया है और अब यूएसएफडीए द्वारा निरीक्षण सफलतापूर्वक बंद कर दिया गया है।
कंपनी ने बताया कि 31 दिसंबर 2024 तक यूएसएफडीए के पास 26 एएनडीए अनुमोदन के लिए लंबित और छह अनंतिम अनुमोदन प्राप्त हुए थे।
