बड़ी संख्या में विदेशी निवेशक भारत में निवेश की रुचि दिखा रहे हैं: अश्विनी वैष्णव

नयी दिल्ली/ डावोस 24 जनवरी (वार्ता) रेल एवं सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत को अब प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग विकास में सहयोगी और वस्तु तथा सेवाओं के एक भरोसेमंद स्रोत के रूप में देखा जाता है और बड़ी संख्या में वैश्विक निवेशक देश में विभिन्न नये-नये क्षेत्रों में निवेश के लिये रुचि दर्शा रहे हैं।

श्री वैष्णव स्विटजरलैंड के हिमाक्षादित पर्यटन स्थल दावोस में विश्व व्यापार मंच (डब्ल्यूईएफ) के वार्षिक सम्मेलन में भारत पैवेलियन में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसमें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और कई अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

भारत में यूरोपीय निवेश के बारे में एक सवाल पर उन्होंने कहा,“ मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि दुनिया भारत को घरेलू मांग के लिए प्रौद्योगिकी के सह-निर्माण, नये अनुप्रयोगों के विकास के लिये एक गंतव्य के रूप में देख रही है। दुनिया भारत को वैश्विक उत्पादन के केंद्र के रूप में देख रही है। ”

श्री वैष्णव ने कहा कि सम्मेलन के दौरान यूरोप से भारत के विभिन्न राज्यों में निवेश के काफी प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। उन्होंने कहा, “ हमारे पास जितने भी निवेश प्रस्ताव हैं, हम उन सभी को एकत्रित करेंगे जो अब तक आये हैं, लेकिन संख्या बहुत बड़ी है। ”

यह पूछे जाने पर किया ऐसे कौन से क्षेत्र हैं, जहां निवेशक भारत में निवेश करने में सबसे अधिक रुचि रखते हैं, तो उनका जवाब था, “ निवेशक कई क्षेत्रों में रुचि रखते हैं जैसे प्रौद्योगिकी – सेमीकंडक्टर, एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, अनुसंधान, डिजाइन, जीसीसी। हम इन सभी को प्रौद्योगिकी छत्र के तहत जोड़ सकते हैं। इसके अलावा, कौशल, विमानन, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, महासागर में मछली पकड़ने और ऊर्जा जैसे कई अन्य क्षेत्र भी निवेशकों के लिये बहुत महत्वपूर्ण हैं। ”

अमेरिका में नयी डोनाल्ड ट्रम्प सरकार के आने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “ हमारा मानना ​​है कि अमेरिका और भारत के बीच विश्वास का रिश्ता वास्तव में दोनों देशों के विकास में मदद करेगा, चाहे वह प्रौद्योगिकी अर्थव्यवस्था हो या कई अन्य क्षेत्र। ”

रेल मंत्री ने अमेरिका में हुये परिवर्तन को दुनिया के लिये महत्वपूर्ण बताते हुये कहा कि कि पिछले 10 वर्षों में अमेरिका के के साथ भारत के संबंध बहुत परिपक्व तरीके से विकसित हुये हैं। उन्होंने कहा, “ हम कई तकनीकों का मिल कर विकास कर रहे हैं। हम कई उत्पादों का सह-निर्माण कर रहे हैं। हमने कई संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रम शुरू किये हैं और हम क्वाड (एशिया प्रशांत क्षेत्र पर अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया के साथ बने समूह) का हिस्सा हैं, जहां दुनिया की सुरक्षा में हमारे साझा हित हैं। हमारे कई साझा भू-रणनीतिक हित हैं और हमारा मानना ​​है कि अमेरिका में जो बदलाव हुआ है, वह पूरी दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। यह भारत के लिये भी बहुत महत्वपूर्ण होगा। ”

एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा, “ हमारा मानना ​​है कि आज यूरोपीय संघ के साथ हमारा संबंध पूरी तरह से विश्वास पर आधारित है, यही वह चीज है जो हमें अधिक मदद करने जा रही है। ”

श्री वैश्वणव ने डावोस में राज्यों के साथ इस संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को “ यह हम सभी के लिए एक विशेष अवसर ” बताते हुये कहा, “ हमारे प्रधानमंत्री ने हमें एकीकृत पवेलियन बनाने के लिए निर्देशित किया। इसलिये, इस बार पूरी भारतीय टीम एक टीम के रूप में यहां मौजूद है। भारत का पवेलियन सभी राज्यों के पवेलियन के साथ पूरी तरह एकीकृत है। ”

 

 

 

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