
सुंदरकांड पाठ, हवन, महाआरती एवं भंडारे का हुआ आयोजन
झाबुआ। शहर के नेहरू मार्ग स्थित प्राचीन श्री बाड़ी हनुमान मंदिर पर मंदिर के मुख्य शिखर पर कलश के साथ ध्वज दंड की स्थापना 21 जनवरी को विजय मुर्हुत 12 बजकर 20 मिनिट पर हुई। जिसमें यजमान के रूप में लाभ आशा प्रदीपकुमार कटारिया परिवार ने लिया। इससे एक दिन पूर्व श्री रामायण मंडल द्वारा श्री सुंदरकांड पाठ, हवन कर पूर्णाहूति पर महाआरती की गई। अंत में सभी के लिए भंडारा (प्रसादी) का आयोजन रखा गया। सभी आयोजन श्री बाड़ी हनुमान मंदिर सेवा समिति की और से किए गए। समिति से जुड़े गोपाल नीमा ने बताया की 20 जनवरी की रात 8 बजे से श्री रामायण मंडल द्वारा मंदिर परिसर में संगीतमय, समधुर, वाद्य यंत्रों के साथ श्री सुंदरकांड पाठ किया गया। जिसमें भजन गायकों ने भगवान श्री राम, हनुमानजी के एक से बढ़कर एक समधुर भजन जाकर समां बांधा। सुंदरकांड की चौपाईयों का समधुर तरीके से वाचन बाद रात 11.30 बजे पाठ की पूर्णाहूति पर सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ कर श्रीरामायणजी एवं हनुमानजी महाराज की आरती कर प्रसादी वितरण किया गया। 21 जनवरी को पूरे मंदिर को सुंदर रूप से सजाने के साथ श्री बाल रूप हनुमान संग समस्त श्रीराम दरबार समीप श्री महादेवजी संग समस्त शिव-परिवार का विशेष श्रृंगार कर पूजन की गई।
ध्वज दंड के साथ मंदिर की लगाई परिक्रमा
मंगलवार सुबह 9 बजे से ज्योतिषाचार्य पं. जैमिनी शुक्ला के साथ प. दिलीप जोशी एवं आयुष शर्मा ने विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ ध्वज दंड की पूजन के साथ हवन करवाया। हवन में यजमान के रूप मे आशा प्रदीपकुमार कटारिया, श्रुति अर्पित सकलेचा, निर्मला साक्षी जैन, शीला नरेन्द्र कटारिया, चयन जैन, अभय जैन, प्रकाशचंद्र जैन, अशोक सकलेचा आदि ने सम्मिलित होकर आहूतियां प्रदान की। हवन करीब ढ़ाई घंटे चला। जिसके बाद कटारिया परिवार के साथ भक्तजनों ने आगे ढोल के साथ ध्वज दंड लेकर मंदिर की 3 बार परिक्रमा लगाई। बाद मंदिर के मुख्य शिखर पर पहुंचकर यहां शिखर एवं कलश पूजन आचार्य पं. जैमिनी शुक्ला ने करवाते हुए लाभार्थी कटारिया परिवार ने ध्वज दंड की स्थापना की। इस दौरान सभी ने भगवान श्री राम एवं हनुमानजी महाराज के सामूहिक जयघोष भी लगाए।
सामूहिक पाठ कर की महाआरती
बाद समस्त भक्तजनों द्वारा मिलकर सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ कर श्री हनुमान भगवान की महाआरती एवं श्रीराम स्तुति की गई। तत्पश्चात् मंदिर परिसर में सभी के लिए भंडारा (प्रसादी) का आयोजन रखा गया, जो शाम 4 बजे तक चला। आयोजन को सफल बनाने में विशेष सहयोग राधेश्याम परमार, मनोज सोनी, प्रमोद सोनी, कृष्णकांत शर्मा, सावन अरोड़ा, प्रेमअदीपसिंह पंवार सहित श्री बाड़ी हनुमान मंदिर समिति के समस्त सदस्यांे का रहा। रात्रि में मंदिर आकर्षक विद्युत सज्जा से भी जगमग हुआ।
21 झाबुआ-1- मुख्य शिखर पर कलश के समीप ध्वज दंड की स्थापना की
21 झाबुआ-2- हवन की पूर्णाहूति पर महाआरती का हुआ आयोजन
