ग्वालियर: ग्वालियर में महज एक रेलवे क्रॉसिंग को पार करने के लिए बनाए जा रहे एक रेलवे ओवर ब्रिज को बनने में आठ साल लग गए।ग्वालियर में यह आरओबी विवेकानंद नीडम के पास बन रहा है. इसके बनाने के पीछे मकसद इसके पीछे के क्षेत्र को विकसित करना और शहर के वाहनों को सीधे नेशनल हाइवे तक पहुंचाना था.
लेकिन नाका चंद्रवदनी से सीधे कलेक्ट्रेट होकर झांसी रोड हाइवे से जोड़ने वाले इस मार्ग में सबसे बड़ी बाधा यह थी कि बीच मे ग्वालियर-भोपाल रेलवे ट्रैक है और इस पर ट्रेनों का ट्रैफिक बहुत है क्योंकि दिल्ली से दक्षिण जाने वाली सभी ट्रैन यहीं से गुजरती है. अभी तक यहां रेलवे गेट था. इस दिक्कत को खत्म करने के लिए सरकार ने रेलवे से बात करके यहां एक रेलवे ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव बनाया जिसे 2017 में स्वीकृति मिली और इसके लिए 42 लाख 80 हजार रुपये का बजट भी मंजूर हुआ.
2019 में पूरा होने का दिया गया था टारगेट
इस आरओबी पर समारोहपूर्वक काम शुरू हो गया और इसे 2019 में पूरा होने का टारगेट दिया गया. इस मामले की गति शुरू में तो ठीक रही. राज्य सरकार द्वारा अपने हिस्से का ज्यादातर काम तो पूरा कर लिया लेकिन रेल विभाग में अफसरों ने कोई रुचि नही ली. अभी पुल को सड़क से दोनों साइड जोड़ने का काम अटका पड़ा हैं.
