
नवभारत न्यूज
इंदौर. दुबई यात्रा, वीजा, फ्लाइट टिकट और होटल बुकिंग के नाम पर 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले शातिर ठग को इंदौर क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के एनसीआर स्थित गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने देशभर में कई लोगों को इसी तरह ठगने की बात स्वीकार की है.क्राईम ब्रांच की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है.
क्राईम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पिछले दिनों इंदौर के एक फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई कि दुबई यात्रा के लिए वीजा, फ्लाइट टिकट और होटल बुकिंग कराने के नाम पर आरोपी ने 10 लाख रुपए की ठगी की. वादा पूरा न करने के बाद आरोपी ने फरियादी से संपर्क तोड़ लिया. क्राइम ब्रांच ने फरियादी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468 के तहत प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी. इसी बीच अपराध शाखा को जानकारी मिली कि आरोपी दिल्ली के एनसीआर इलाके के गुरुग्राम में रह रहा है. इस पर क्राईम ब्रांच की एक टीम ने जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की पहचान झारखंड के मूल निवासी रवि शंकर ओझा के रूप में हुई. पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी ने एमबीए की पढ़ाई की है, और वह गुरुग्राम में प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट कंपनी में नौकरी करने के साथ एक्सप्लोरर नामक कंपनी का संचालन करता था. आरोपी ने फरियादी को झूठे वादों के जरिए यात्रा संबंधी सुविधाएं देने का झांसा देकर की थी ठगी.
आरोपी की गतिविधियां
क्राईम ब्रांच के अधिकारियों ने जब आरोपी से पूछताछ की तो उसकी गतिविधियां भी पता चली कि वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग शहरों में ठिकाना बदलता रहा. और वह हर हफ्ते मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदलता लेता था. इस दौरान आरोपी ने देशभर में 40-50 सिम कार्ड और फर्जी फोन नंबर का उपयोग कर ठगी की है. इतना ही नहीं आरोपी ने लखनऊ में एक गिरोह के साथ मिलकर रोजी ट्रेवल्स नामक फर्जी कंपनी के जरिए भी ठगी की वारदात को अंजाम दिया है. आरोपी इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में हुई एक धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है.
आरोपी ने किए कई खुलासे
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने देशभर में कई लोगों को दुबई यात्रा के नाम पर ठगा. इसके आधार पर क्राईम ब्रांच अब लखनऊ पुलिस के साथ समन्वय कर अन्य मामलों की जांच भी कर रही है. वहीं पुलिस अब आरोपी के फरारी के दौरान जिन लोगों ने आरोपी की मदद की, उनकी भी पहचान भी करने की तैयारी कर रही है. क्राईम ब्रांच की टीम आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत विस्तृत जांच कर रही है. जिससे अन्य सह आरोपियों को पकड़ने और गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश में मदद मिल सके.
