
इंदौर. रेल पुलिस उप महानिरीक्षक श्रीमती मोनिका शुक्ला ने रेल इकाई का वार्षिक निरीक्षण कर भव्य परेड की सलामी ली. इस दौरान उन्होंने सैनिक सम्मेलन और उत्कृष्ट कार्यों के लिए रेलवे पुलिस की सराहना की.
पुलिस उप महानिरीक्षक (रेल) श्रीमती मोनिका शुक्ला ने शुक्रवार को रेल इकाई इंदौर का वार्षिक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली, और कर्मचारियों की समस्याएं सुनते हुए जीआरपी के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए. शुक्रवार 10 जनवरी को आरआरपी लाइन, आयोजित भव्य परेड का नेतृत्व सूबेदार सुश्री वर्षा गौर ने किया. इस परेड में उत्कृष्ट टर्नआउट वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित कर वाहनों और शस्त्रों का निरीक्षण भी किया. सैनिक सम्मेलन के दौरान श्रीमती शुक्ला ने जवानों की समस्याएं और सुझाव भी सुने. और पुलिस अधीक्षक रेल संतोष कोरी को उनकी सभी समस्याओं के तुरंत समाधान करने के दिशा निर्देश भी दिए. इस दौरान उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को तनाव मुक्त जीवन और बेहतर स्वास्थ्य और कुशल व्यवहार के लिए प्रेरित भी किया. श्रीमती शुक्ला ने जीआरपी को रेल अपराधों पर नियंत्रण रखने और बेहतर पुलिसिंग के लिए तकनीकी और मानवीय तरीकों को अपनाने पर जोर देते हुए पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य और परिवार का ध्यान रखने की सलाह भी दी. कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक रेल संतोष कोरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा पाठक सोनी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे. संचालन उपनिरीक्षक श्रीमती पूनम शर्मा ने किया.
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2024 में जीआरपी इंदौर की उपलब्धियां बताई
कार्यक्रम के बाद श्रीमती मोनिका शुक्ला ने जीआरपी पुलिस द्वारा किए गए उल्लेखनीय कामों के बारे में पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने एक साल में 710 चोरी हुए मोबाइल फोन की रिकवरी की. जिनकी कमती लगभग एक करोड़ से ज्यादा की हैं. रिकवरी के बाद पुलिस ने सभी फोन शिकायतकर्ताओं को वापस भी लौटा दिए. इसी तरह पुलिस ने असरंक्षित बच्चों को उनके परिवारों से भी मिलवाया. इतना ही नहीं पुलिस ने 9535 अकेली महिलाओँ, 6891 वरिष्ठ नागरिकों और 2940 दिव्यांगजनों से संवाद कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की, वहीं रेल दुर्घटाओं में चार यात्रियों की जान भी बचाई.
