34 शहरी और 13 ग्रामीण थानों में मात्र इतनी एफआईआर
इंदौर: साल के आखिरी दिन इंदौर जिले में स्थित 34 शहरी और 13 ग्रामीण थानों में दर्ज अपराधों में अचानक गिरावट आई है. पुलिस द्वारा जारी किए गए रिकॉर्ड तो यही बता रहे हैं कि जिले में केवल 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई.प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के 34 शहरी और 13 ग्रामीण थानों में अपराधों का ऐसा न्यूनतम आंकड़ा इस साल का सबसे कम बताया जा रहा है. ग्रामीण थानों में तो स्थिति यह थी कि एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ.
एक नाबालिग लापता, दो मारपीट के मामले, कुछ सडक¸ हादसे, एक मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत, चायनीज मांझा और ध्वनि प्रदूषण का एक-एक मामला यह सभी कार्रवाई रात 12 बजे से पहले दर्ज की गई. वहीं पुलिस ने कुछ गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज करने से भी बची. जैसे वाहन चोरी, जालसाजी और अन्य गंभीर मामलों में पुलिस ने शिकायतकर्ताओं को यह कहकर वापस लौटा दिया कि कल आना.
मामले में विशेषज्ञों का मानना है कि साल के आखिरी दिन पुलिस ने अपराध के आंकड़े कम दिखाने के लिए यह रणनीति अपनाई. अपराध के आंकड़ों में अचानक आई कमी को देखकर यह समझा जा रहा है कि नए साल में बेहतर छवि दिखाने के लिए पुलिस ने जानकर एफआईआर दर्ज करने में देरी की है. हालांकि इस पर पुलिस का कहना है कि सुरक्षा और निगरानी के चलते सभी थानों में टीमें सक्रिय थीं, और अपराध की रोकथाम में यह कामयाबी मिली है. लेकिन शिकायतों को टालने के आरोपों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. साल के आखिरी दिन अपराध के रिकॉर्ड में कमी चाहे पुलिस की रणनीति हो या वास्तविक सफलता यह भी एक जांच का विषय है
