इंदौर में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम की दो खिलाडिय़ों के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है. यह घटना न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि भारत की खेल और सांस्कृतिक प्रतिष्ठा पर भी चोट पहुंचाने वाली है. जब पूरा शहर और देश आईसीसी […]
संपादकीय
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भारत की रक्षा नीति अब प्रतिक्रियात्मक नहीं रही, वह दूरदर्शी, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है. हाल ही में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) द्वारा लगभग 79 हजार करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी देना इस परिवर्तनशील सोच का स्पष्ट संकेत है. यह निर्णय न केवल सीमाओं […]
भारत ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है. संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की ताजा वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन रिपोर्ट 2025 में भारत को वन क्षेत्र में विश्व में नौवां और वार्षिक वन वृद्धि में तीसरा स्थान मिला है. यह उपलब्धि केवल […]
भारत और अफगानिस्तान के ऐतिहासिक संबंध सदैव गहरे और बहुआयामी रहे हैं. दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक और रणनीतिक बंधन सदियों से विकसित होते आए हैं. अफगानिस्तान का भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व भारत के लिए केवल पड़ोसी ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा का अहम केंद्र भी […]
त्योहारी मौसम की आहट के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपनी जीवंतता और लचीलापन दिखाया है. जीएसटी सुधारों के बाद जो पारदर्शिता और सुव्यवस्था आई, उसने बाजारों में उपभोक्ता विश्वास को नई उड़ान दी है. दिवाली तक देशभर के व्यापारिक केंद्रों में जिस जोश और उत्साह के साथ […]
दिल्ली-एनसीआर हर सर्दी में वायु प्रदूषण की गिरफ्त में घुटता है. अक्टूबर से जनवरी के बीच जब हवा की गति धीमी पड़ती है, तापमान गिरता है, और पराली जलाने का मौसम शुरू होता है, तब आसमान धूसर हो जाता है और हवा जहरीली. इस पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट का हालिया […]
त्यौहारी मौसम में देश के बाजार फिर से गुलजार हो गए हैं. शहरों से लेकर कस्बों और गांवों तक, गलियों में जगमगाहट और खरीदारी का हल्ला है. बाजार न सिर्फ उपभोक्ता उत्साह का प्रतीक हैं, बल्कि यह इस बात का भी संकेत दे रहे हैं कि देश की आर्थिक नींव […]
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से आई ताजा खबर ने देश के नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में एक नई ऊर्जा और उम्मीद जगा दी है. मल्लाजोलु वेणुगोपाल राव, जो भूपति नाम से मशहूर हैं, और माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में से एक थे, ने अपने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया […]
पाकिस्तान इस समय एक ऐसे बहुस्तरीय संकट से गुजर रहा है, जिसकी जड़ें उसकी सत्ता संरचना, सैन्य वर्चस्व और जातीय विभाजनों में गहराई से धंसी हुई हैं. देश राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मोर्चे पर एक साथ अस्थिरता झेल रहा है. लेकिन सबसे खतरनाक है, भीतर ही भीतर पनपता गृह-संघर्ष जो […]
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 11 अक्टूबर 2025 की रात जो गोलाबारी और भीषण झड़पें हुईं, उन्होंने पूरे दक्षिण एशिया को एक बार फिर अस्थिरता के भंवर में झोंक दिया है. तालिबान शासन ने जहां 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराने और 25 पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा करने का दावा […]