संपादकीय
संपादकीय
म्यांमार और थाईलैंड में हाल में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई है और जान-माल का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है.ऐसे में पर्यावरणविद यह सवाल उठा रहे हैं कि प्रकृति के लगातार हो रहे विनाश का परिणाम भूकंप के प्रकोप के रूप में देखना पड़ रहा है. खासतौर पर […]
देशभर में घटित हाल की घटनाएं स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि हमें पुलिस सुधारों की सख्त जरूरत है. हाल ही में कर्नाटक, उड़ीसा और बिहार में अनेक बार वहां की पुलिस पर हमले हुए हैं. जबकि मध्य प्रदेश में भी मार्च महीने में ही छह बार पुलिस पर हमले […]
न्यायपालिका और विधायिका हमारे संविधान और लोकतंत्र के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. न्यायपालिका का कार्य जहां संविधान की रक्षा और उसकी व्याख्या करना है, तो विधायिका का काम संविधान की मूल भावना के अनुरूप कानून बनाना और जन आकांक्षाओं की पूर्ति करना है. जाहिर है संविधान में न्यायपालिका और विधायिका […]
हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक के बुलेटिन में प्रकाशित एक अध्ययन में गंभीर चिंता जताई गई है, जो देश में वर्षा के वितरण में तेजी से आ रहे बदलाव और खाद्यान्न फसलों पर इसके असर से जुड़ी है. अध्ययन कहता है कि भारतीय कृषि अब भी काफी हद तक […]
सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों ने अत्यंत रचनात्मक और सराहनीय पहल करते हुए मणिपुर के हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात की है. नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के कार्यकारी अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जज जस्टिस बी आर गवई के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने लोगों के बीच राहत सामग्री […]
शनिवार को विश्व जल दिवस मनाया गया. स्वाभाविक रूप से सुबह से रात तक इस पर चर्चा होती रही. दरअसल पानी की उपलब्धता की जो स्थिति है, उसको देखते हुए पानी बचाना सभी की आदत में शामिल होना चाहिए. इसके लिए व्यापक जन जागरण की आवश्यकता है.पहले कहा जाता था […]
पिछले दिनों संसद में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि देश में आतंकी घटनाओं में 71 $फीसदी कमी आई है. केंद्र सरकार पिछले लगभग दो दशकों से नक्सल गतिविधियों को भी आतंकवाद की श्रेणी में रखती है. डॉ मनमोहन सिंह सरकार के गृहमंत्री पी चिदंबरम ने […]