जबलपुर: सिहोरा थाना अंतर्गत वार्ड नम्बर 4 सिहोरा में हुई चंदा श्रीवास्तव 57 वर्ष की अंधी हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। कातिल को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने बताया कि यह बात सामने आई कि मृतिका ब्याज पर रूपये चलाती थी। ब्याज के रूपयों की वसूली करता था और उसने एक लाख रूपए की जब मांग की तो महिला ने देने से मना कर दिया जिसके चलते उसने हथौड़ी से हमला कर हत्या कर दी थी। विदित हो कि सैयद बाबा टोरिया गढिय़ा मोहल्ला निवासी चंदा श्रीवास्तव 57 वर्षीय घर में अकेली थी उनकी बेटी दिल्ली में रहती है। शनिवार की रात्रि महिला की हत्या कर दी थी। महिला की घर में रक्तरंजित लाश मिली थी। पुलिस ने पहले मर्ग कायम किया इसके बाद पीएम रिपोर्ट आने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया था।
हत्या के बाद ले गया था जेवरात
जांच में यह बात सामने आई कि चंदा श्रीवास्तव ब्याज से रूपये चलाती थी जिसकी वसूली पडौसी विकास उर्फ मोना त्रिपाठी करता था संदेही विकास उर्फ मोना त्रिपाठी निवासी बल्ले मोर अखाडा के पीछे सिहोरा को अभिरक्षा मे लेते हुये पूछताछ की जिसने बताया कि उस पर काफी कर्जा हो गया था उसे रूपयो की जरूरत थी, 1 लाख रूपये मांगा, तो मौसी चंदा बाई ने रूपये देने से मना कर दिया, जिसके चलते उसने चंदा की हत्या कर दी थी। इसके बाद चंदा मौसी के गले से सोने की चेन एवं कान के टाप्स निकालकर, मौसी के घर के दरवाजे को बाहर से बंद कर अपने घर चला गया था।