पुलिस अफसरों ने ली बैंक प्रबंधकों की बैठक

  • सायबर अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता जरूरी:सीपी

भोपाल, 1 अगस्त. पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने गुरुवार को बैंक प्रबंधकों की बैठक ली और सायबर अपराधों की रोकथाम पर चर्चा की. पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, पुलिस उपायुक्त अखिल पटेल, एलडीएम आलोक चक्रवर्ती, एजीएम आरबीआई पंकज शेडांगुल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान समेत शहर के सभी सरकारी एवं प्रायवेट बैंकों के प्रबंधक मौजूद रहे.

बैठक को संबोधिक करते हुए पुलिस आयुक्त मिश्र ने कहा कि सायबर अपराध रोकना पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गया. इसकी रोकथाम के लिए बैंकों को अपनी प्रणाली को सुरक्षित बनाने एवं ग्राहकों को जागरूकत करने की अत्यंत आवश्यकता है.

इस दौरान एलडीएम आलोक चक्रवर्ती, एजीएम आरबीआई पंकज शेडांगुल ने साइबर अपराधों को रोकने हेतु बैंकों द्वारा किए जा रहे उपायों के सम्बंध में बताया.

सायबर ठगी के प्रमुख तरीके फिशिंग:- जालसाज नकली ईमेल या मैसेज भेजते हैं, जो वास्तविक कंपनियों या संगठनों जैसे दिखते हैं, लेकिन वास्तव में वह व्यक्तिगत जानकारी चोरी करने के लिए होते हैं.

विशिंग:- इसमें नकली वेबसाइट्स पर ले जाकर व्यक्तिगत जानकारी चोरी की जाती है. मैलवेयर:- आपके डिवाइस में मैलवेयर स्थापित की जाती है, जो व्यक्तिगत जानकारी चोरी कर सकता है या डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकता है.

सोशल इंजीनियरिंग:- जालसाज आपको मनाने की कोशिश करते हैं, ताकि आप व्यक्तिगत जानकारी साझा करें. क्लोनिंग:- जालसाज आपके बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड की जानकारी चोरी करके पैसे निकाल लेते हैं.

स्मिशिंग:- नकली एसएमएस भेजते हैं, जो वास्तविक कंपनियों या संगठनों जैसे दिखते हैं.

वायरस और ट्रोजन:- आपके डिवाइस में वायरस या ट्रोजन स्थापित करते हैं जो आपकी व्यक्तिगत जानकारी चोरी कर सकते हैं.

सायबर ठगी के नए तरीके :- साइबर अपराधी लोगों को डरा धमका कर ठगी करते हैं. वे पुलिस स्टेशन जैसे सेटअप से विडियो कॉल कर विक्टिम को बुरी तरह डराते हैं.

आधार कार्ड, पैन कार्ड की डिटेल बताकर यकीन दिलाते हैं कि आपका संदिग्ध एक्टिविटी में नाम आ चुका है. :- नौकरी का झांसा देकर युवाओं का कंबोडिया का वीजा बनवाया जा रहा है, जहां से उन्हें अवैध तरीके से म्यांमार ले जाया जा रहा है.

वहां उन्हें बंधक बनाकर साइबर ठगी की जा रही है. :- साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठते हैं. वे विक्टिम को कहते हैं कि आपका संदिग्ध एक्टिविटी में नाम आ चुका है और आपको डिजिटल अरेस्ट किया जा सकता है. :- साइबर अपराधी फर्जी पुलिस बनकर लोगों से पैसे ऐंठते हैं. वे विक्टिम को कहते हैं कि आपको पुलिस स्टेशन आना होगा और अगर आप नहीं आए तो आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

जालसाजों से इस प्रकार बचें व्यक्ति जानकारी किसी से साझा नहीं करें. मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें. वेबसाइट्स और ईमेल का इस्तेमाल करने से पहले उनकी वास्तविकता की जांच कर लें. सॉफ्टवेयर अपडेट रखें और अपने डिवाइस और सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें. सार्वजनिक वाईफाई का उपयोग करने से बचें और बैंक खातों की नियमित जांच करते रहें. संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट बैंक और सायबर सेल में तत्काल करें.

 

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