यरूशलम, इजराइल में संपन्न हुए संसद (नेसेट) चुनावों के बाद सरकार बनाने को लेकर जारी गतिरोध के बीच राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने बड़ा बयान दिया है। राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ दो दिनों तक चली व्यापक बातचीत के बाद राष्ट्रपति हर्जोग ने स्पष्ट किया कि वे रविवार को किसी एक सांसद को औपचारिक रूप से सरकार बनाने का न्योता देंगे। वर्तमान स्थिति में ‘याशार!‘ पार्टी के नेता गादी आइजेनकोट को 67 सांसदों का समर्थन मिला है, जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री और लिकुड पार्टी के नेता बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में 46 सदस्यों ने सिफारिश की है। इसके बावजूद किसी भी एक दल या गठबंधन के पास सरकार बनाने की स्पष्ट और सीधी क्षमता नजर नहीं आ रही है।
नेतन्याहू और विरोधी गुटों के बीच बंटा हुआ जनादेश, अरब पार्टियों के समर्थन और वीटो राजनीति से पेचीदा हुआ सत्ता का समीकरण
हालिया चुनाव परिणामों में 120 सीटों वाली इजराइली संसद में बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गुट को 53 सीटें मिलीं, जबकि नेतन्याहू-विरोधी ‘परिवर्तन गुट’ ने 48 सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि, यूनाइटेड टोरा जुडाइज्म पार्टी द्वारा नेतन्याहू से समर्थन वापस लेने के कारण उनका आंकड़ा घटकर 46 रह गया। वहीं दूसरी तरफ, अरब पार्टियों ने नेतन्याहू को सत्ता से बाहर रखने के उद्देश्य से अनमने ढंग से आइजेनकोट का समर्थन तो किया है, लेकिन प्रमुख यहूदी पार्टियां अरब गुटों के साथ प्रत्यक्ष रूप से गठबंधन सरकार बनाने में हिचकिचा रही हैं।
हमास को आतंकवादी संगठन मानने और सुरक्षा शर्तों पर अड़े दल, राष्ट्रपति हर्जोग ने स्थिर सरकार के लिए व्यक्तिगत वार्ता का दिया आश्वासन
गठबंधन सरकार के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा अरब पार्टियों द्वारा हमास को स्पष्ट रूप से आतंकवादी संगठन घोषित न करने का रुख है, जिसे 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद इजराइल की मुख्यधारा की आबादी स्वीकार करने को तैयार नहीं है। हालांकि राम पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने गाजा में शांति और सशस्त्र संगठनों को निहत्था करने का समर्थन किया है, लेकिन गतिरोध कायम है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कहा है कि आमतौर पर सबसे अधिक सिफारिशें पाने वाले नेता को आमंत्रित किया जाता है, लेकिन वे वीटो और राजनीतिक गतिरोध को दूर कर देश को एक स्थिर सरकार देने के लिए अंतिम क्षणों तक व्यक्तिगत स्तर पर नेताओं से बात करेंगे।

