इंदौर: प्रदेश के 53 क्षेत्रीय और जिला परिवहन कार्यालयों में दर्ज वाहनों की संख्या के बीच इंदौर की स्थिति को लेकर रोचक आंकड़ा सामने आया है. शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और आबादी के आंकड़े के करीब पहुंच रही है. अक्टूबर महीने में ही इंदौर में 22 हजार 564 नए वाहन पंजीकृत हुए. इनमें 16 हजार से अधिक दोपहिया वाहन शामिल हैं.
वाहनों के पंजीयन का यह आंकड़ा इस साल का अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है. अक्टूबर में जनवरी का रिकॉर्ड भी टूट गया. महीनेभर में पंजीकृत कुल वाहनों में 16 हजार 161 दोपहिया और 4 हजार 423 कारें शामिल हैं. यानी कुल पंजीयन में करीब 72 प्रतिशत हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की रही. इसके अलावा ट्रैक्टर, निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहन और अन्य श्रेणियों के वाहन भी पंजीकृत हुए.
चार में एक वाहन इलेक्टि्रक या सीएनजी…
वाहनों के ईंधन के विकल्पों में भी बदलाव दिखाई दे रहा है. अक्टूबर में 2 हजार 997 इलेक्टि्रक वाहन पंजीकृत हुए, जबकि सीएनजी श्रेणी के वाहनों की संख्या 2 हजार 32 रही. दोनों को मिलाकर 5 हजार 29 वाहन ऐसे हैं जो इलेक्टि्रक या सीएनजी श्रेणी में आते हैं. कुल पंजीयन में इनकी हिस्सेदारी 22.3 प्रतिशत रही. यानी अक्टूबर में पंजीकृत हर साढ़े चार वाहनों में से एक वाहन इलेक्टि्रक या सीएनजी श्रेणी का रहा.
सड़कों पर बढ़ रहा वाहनों का दबाव…
वाहनों की बढ़ती संख्या का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. प्रमुख चौराहों, बाजारों और व्यस्त मार्गों पर वाहनों का दबाव लगातार बना रहता है. दोपहिया वाहनों की बड़ी संख्या के साथ कारों की बढ़ती मौजूदगी पार्किंग और सड़क पर जगह की चुनौती को भी बढ़ा रही है. त्योहारी सीजन में वाहन खरीदी की रफ्तार ने इस तस्वीर को और स्पष्ट कर दिया है. दिसंबर में इस साल के पूरे वाहन पंजीयन के आंकड़े सामने आने के बाद प्रदेश के सभी 53 परिवहन कार्यालयों की तुलना से इंदौर की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी
