
भोपाल। दिल्ली विधानसभा में केंद्रीय विधानसभा के प्रथम निर्वाचित भारतीय स्पीकर स्व. विट्ठल भाई पटेल के शताब्दी समारोह पर आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय पीठासीन सम्मेलन का समापन सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के व्याख्यान से हुआ। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं बल्कि हमारे जीवन की आत्मा है।
श्री तोमर ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा ऋग्वेद और अथर्ववेद तक जाती है, जहाँ ‘सभा’ और समिति का उल्लेख मिलता है। हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले ही समानता, समावेश और साझी भलाई का संदेश दिया। यही लोकतंत्र का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आज भी भारत की चुनाव प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जहाँ शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन जनता की सर्वोच्चता का प्रमाण है।
उन्होंने चेताया कि जातिवाद, धर्मवाद, फेक न्यूज और धनबल लोकतंत्र की चुनौतियाँ हैं, लेकिन यह प्रणाली जनता की चेतना और संस्कृति से जुड़ी होने के कारण मज़बूत है। उन्होंने आह्वान किया कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए करुणा, समानता और दायित्वबोध को व्यवहार में लाना होगा।
