नैरोबी, 06 नवंबर (वार्ता) केन्या की एक अदालत ने ‘गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च’ के संस्थापक पॉल थेंगे मैकेंजी को ‘शाकाहोला नरसंहार’ मामले में 200 वर्ष कारावास की सजा सुनायी है।
इस भयानक सामूहिक हत्याकांड में 190 बच्चों सहित कुल 191 लोगों की जान चली गई थी।
जस्टिस डायना कावेद्जा ने अपराध की गंभीरता, पीड़ितों की लाचारी और समाज पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को यह फैसला सुनाया।
अदालत ने मैकेंजी को भूखे रखकर हत्या या हत्या के प्रयास के 193 आरोपों में 100 वर्ष और बच्चों की सीधे हत्या से जुड़े आठ आरोपों में 100 वर्ष की सजा सुनायी। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी, जिससे उसकी कुल सजा 200 वर्ष हो गयी है। अभियोजन पक्ष ने मामले की भयावहता के मद्देनजर मौत की सजा (मृत्युदंड) देने की मांग की थी, जिसे अदालत ने पुनर्वास और सुधार की संभावना का हवाला देते हुए खारिज कर दिया।
सजा सुनाते हुए जस्टिस कावेद्जा ने कहा कि मैकेंजी ने आध्यात्मिक अधिकार का दुरुपयोग किया और अनुयायियों के विश्वास के साथ घोर विश्वासघात किया।
अदालत ने साक्ष्यों के हवाले से बताया कि उपवास के नियमों को लागू करने के लिए मासूम बच्चों पर गंभीर शारीरिक अत्याचार किये गये, जो लोग भागने की कोशिश करते थे, उन्हें पकड़कर पीटा जाता था और उपवास स्थलों पर बंद कर दिया जाता था।
अदालत ने मैकेंजी को इस पूरे नरसंहार का मुख्य सूत्रधार माना। उसने अनुयायियों को जंगलों में जाने और मृत्यु तक उपवास करने के निर्देश दिये थे तथा सबसे पहले बच्चों को निशाना बनाया था। कई दोषियों ने हिरासत में भी उपवास जारी रखने की बात कही थी, जिसके आधार पर अदालत ने समाज की सुरक्षा के मद्देनजर यह कठोर फैसला सुनाया।
