अमेरिका के परमाणु प्रस्तावों की समीक्षा के बीच ट्रम्प ईरान को तबाह नहीं करने के पक्षधर

वाशिंगटन, 06 नवंबर (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह ईरान को ‘तबाह नहीं करना चाहेंगे’, लेकिन साथ में यह चेतावनी भी दी कि वे आगे और हमलों के आदेश दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि उनका फैसला जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं।

गुरुवार को श्री ट्रम्प की यह टिप्पणी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली जबरदस्त हार के दो दिन बाद आई है। श्री ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस हार का कारण आंशिक रूप से ईरान के साथ जारी अलोकप्रिय युद्ध और इसके आर्थिक परिणामों को बताया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस सैन्य अभियान का बचाव ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के ‘ऐतिहासिक’ प्रयास के रूप में किया था, हालांकि चुनावों के बाद से वे कड़ी जांच और आलोचना का सामना कर रहे हैं।

बहरहाल, श्री ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया है।

इन धमकियों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने गुरुवार को दो ईरानी और एक अमेरिकी अधिकारी सहित पांच अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े उन ठोस प्रस्तावों की जांच कर रहा है, जो कतर की मध्यस्थता में रखे गए हैं। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका उस परमाणु प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, जिसे ईरान ने कतर के माध्यम से भेजा है। अधिकारी ने हालांकि स्पष्ट किया कि बातचीत तभी होगी, जब अमेरिका अगस्त में पेश की गई ईरान की सात मांगों का समाधान करेगा।

इन सात मांगों में युद्ध के नुकसान की भरपाई, जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना, प्रतिबंधों को हटाना, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को समाप्त करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, ईरान और हिज्बुल्लाह सहित उसके सहयोगियों से जुड़े युद्ध का स्थायी अंत, तथा ईरान को दोबारा न धमकाने की प्रतिबद्धता शामिल है।

श्री ट्रम्प से जब इन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया कि ईरानी वार्ताकार प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं, तो उन्होंने गुरुवार को ह्वाइट हाउस में कहा कि वे हमारी मंजूरी के बिना कुछ नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे क्या देख रहे हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके पास परमाणु हथियार कभी नहीं होगा।

श्री ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ईरान में अपनी इच्छानुसार सब कुछ नियंत्रित कर रहा है और उन्होंने कहा कि उस देश को फिर से खड़ा होने में 25 वर्ष लगेंगे। उन्होंने कहा किअब हम फैसला करेंगे कि क्या हम आगे बढ़ना चाहते हैं और इसे प्रमाणित करना चाहते हैं? इसे प्रमाणित करने का अर्थ यह है कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो वे बाकी देश को तबाह नहीं करना चाहेंगे, लेकिन हो सकता है कि उन्हें ऐसा करना पड़े। आप लोगों को जल्द ही पता चल जाएगा।

कतर से जारी बयान के अनुसार, क्षेत्रीय तनाव को कम करने के कूटनीतिक प्रयासों को लेकर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हम्द अल थानी ने आज श्री ट्रम्प से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने ईरान के साथ एक व्यापक समझौते को सुरक्षित करने और क्षेत्रीय संकट को समाप्त करने के लिए दोहा के मध्यस्थता प्रयासों पर चर्चा की। कतर के अमीर ने आगे तनाव रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता बनाए रखने और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के टेलीग्राम चैनल पर जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने गुरुवार को अपने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद के साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की।

अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसमें एक भीषण हमले में ईरान के शीर्ष नेतृत्व, बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को निशाना बनाया गया था। इसके परिणामस्वरूप ईरान के कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं की मौत हो गई थी।

इस घातक हमले के बाद, ईरान ने इजरायल और अरब देशों पर हमलों के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी कर जवाब दिया था, जिससे दुनिया के तेल शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया। अप्रैल में एक नाजुक युद्धविराम लागू होने के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी लगा दी, जिससे ईरान के खिलाफ अधिकतर इजरायली हवाई हमले रुक गए।

होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर हालांकि अमेरिकी-ईरानी बलों के बीच छिटपुट झड़पें जारी हैं।

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिपब्लिक की अर्धसैनिक इकाई, आईआरजीसी ने आज कहा कि अनधिकृत मार्गों का उपयोग कर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के प्रयास के दौरान माइन्स से टकराने के बाद दो तेल टैंकरों में आग लग गई।

 

 

 

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