नई दिल्ली। सरकारी कंपनी एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी के समेकित आधार पर दूसरी तिमाही में कर पश्चात लाभ (पीएटी) में 33.93 प्रतिशत और कर पूर्व लाभ (पीबीटी) में 37.74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, एकल आधार पर पीएटी 30.54 प्रतिशत बढ़कर 225.24 करोड़ रुपये और पीबीटी 38.09 प्रतिशत बढ़कर 291.80 करोड़ रुपये हो गया।
30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी की समेकित परिचालन आय 16.54 प्रतिशत बढ़कर 3,395.78 करोड़ रुपये रही, जबकि एकल आधार पर यह 37.78 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,889.62 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी के ईबीआईटीडीए में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। समेकित आधार पर ईबीआईटीडीए 115.28 प्रतिशत बढ़कर 225.16 करोड़ रुपये और एकल आधार पर 153.98 प्रतिशत बढ़कर 219.03 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
पहली छमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। समेकित आधार पर परिचालन आय 6.57 प्रतिशत बढ़कर 5,655.30 करोड़ रुपये और एकल आधार पर 25.54 प्रतिशत बढ़कर 4,712.66 करोड़ रुपये रही। इस दौरान समेकित पीएटी में 26.10 प्रतिशत और एकल पीएटी में 31.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के निदेशक मंडल ने 5 नवंबर को हुई बैठक में वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी। साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 25 प्रतिशत की दर से 0.25 रुपये प्रति इक्विटी शेयर दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की।
आरबीआई और आईटीबीपी से मिले बड़े प्रोजेक्ट
तिमाही के दौरान एनबीसीसी को भारतीय रिजर्व बैंक से अमरावती में कार्यालय और आवासीय परिसरों के निर्माण के लिए 780.38 करोड़ रुपये का परियोजना प्रबंधन परामर्श (पीएमसी) कार्य मिला। वहीं, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस से लद्दाख में 28 सीमा चौकियों पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 234.78 करोड़ रुपये का कार्यादेश मिला है।
कंपनी ने सेशेल्स सरकार के साथ 1,008 आवासीय इकाइयों वाली इल ऑरोर आवासीय परियोजना के लिए समझौता किया है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में शाखा कार्यालय का पंजीकरण कराया है और एनएचपीसी के साथ देशभर में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
एनबीसीसी ने सरोजिनी नगर स्थित भारत बिजनेस पार्क में करीब 1,236 करोड़ रुपये के वाणिज्यिक स्थानों की ई-नीलामी भी सफलतापूर्वक पूरी की। इसके अलावा दो टावरों के 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के विक्रय मूल्य से संबंधित आवंटन दस्तावेज एसबीईआर इंडिया को सौंपे गए। कंपनी का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, पुनर्विकास, परियोजना प्रबंधन परामर्श, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की भूमि के मुद्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर उसका विशेष ध्यान है।
