
नयी दिल्ली, 05 अक्टूबर (वार्ता) परमाणु ऊर्जा विभाग के उपक्रम यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) अपनी हीरक पर जयंती पर देश में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में अपने योगदान के छह दशक पूरे होने का रविवार को उत्सव मनाया। परमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य-वित्त,सीमा जैन ने रविवार को जादूगोड़ा (झारखंड) में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि थीं।
यूसीआईएल का गठन चार अक्टूबर 1967 को हुआ था। परमाणु ऊर्जा विभाग की ओर से सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुश्री जैन ने प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पायलट संयंत्र तथा परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) से सहायता प्राप्त संस्थान, साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स, के प्रस्तावित नयी डार्क मैटर प्रयोगशाला के स्थल का दौरा किया। उन्होंने जादूगोड़ा स्थित सी, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र में प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पायलट संयंत्र(टीडीपीपी) तथा जादूगोड़ा की भूमिगत खदान के 815 मीटर के स्तर पर डार्क मैटर प्रयोगशाला के प्रस्तावित नये स्थल का भी दौरा किया। यूरेनियम कार्पोरेशन के हीरक जयंती कार्यक्रमों के तहत नरवापहाड़ स्थित सूचना केंद्र में आयोजित पत्रकार कार्यशाला आयोजित की गयी।
मीडिया प्रतिनिधियों ने यूसीआईएल की यूरेनियम खनन एवं मिलिंग सुविधाओं का दौरा किया। इस दौरान उन्हें खनन कार्यों, अयस्क के रखरखाव एवं प्रसंस्करण प्रणालियों तथा परिचालन स्थलों पर अपनाई जाने वाली प्रौद्योगिकियों और कार्य-पद्धतियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। इसके साथ ही, डीएई की इकाइयों और संस्थानों से विकसित हो रही प्रौद्योगिकियों एवं उनके अनुप्रयोगों को प्रदर्शित करने वाली डीएई प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसी तरह स्कूली छात्रों के लिए एक विशेष डीएई प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी ने परमाणु ऊर्जा के औद्योगिक और सामाजिक अनुप्रयोगों को प्रदर्शित किया।
इस समारोह के दौरान यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में यूसीआईएल की विकसित होती क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया तथा भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में इसके ऐतिहासिक और निरंतर योगदान पर प्रकाश डाला गया। परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव एवं परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजित कुमार मोहंती ने इस अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में कहा, “हीरक जयंती वर्ष यूसीआईएल के योगदान को मान्यता देने तथा भारत के परमाणु ऊर्जा मिशन
की दिशा में आगे बढ़ते हुए निरंतर नवाचार और क्षमता निर्माण के महत्व की पुनः पुष्टि करने का अवसर है।” यूसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ कचम आनंद राव ने कहा, ” छह दशकों से अधिक की अवधि में यूसीआईएल ने यूरेनियम खनन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में लगातार विशेषज्ञता और बुनियादी ढांचे का विकास किया है तथा प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को मजबूत किया है।”
