कलेक्टर कार्यालय के गेट पर परिवार ने लगाई गाड़ी में आग 

युवक ने खुद पर पेट्रोल डालने का किया प्रयास

कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा पर उठे सवाल

भोपाल, 21 जनवरी. कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे एक परिवार ने अपनी ही कार में आग लगा दी, जिससे वहां आसपास अफरा-तफरी मच गई. आग लगाने के दौरान परिवार के तीन लोग गाड़ी के अंदर बैठे हुए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया. सूचना के बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दमकल ने आग पर काबू पाया, लेेकिन तब गाड़ी जलकर खाक हो गयी थी. पीडि़त परिवार की आरोप है कि कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. इधर आग लगाने की इस घटना ने कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जल्द ही उचित कार्रवाई का आवश्वासन दिया है. आग लगाने वाले व्यक्ति को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. जानकारी के अनुसार तहसील ग्राम नाथू बरखेड़ा, तहसील हुजूर में रहने वाली शक्कर बाई का परिवार अपनी जमीन को लेकर परेशान चल रहा है. मंगलवार को शक्कर बाई के बेटे होतम सिंह समेत अन्य लोग जनसुनवाई में आवेदन लेकर पहुंचे थे. उन्होंने अपनी टाटा सूमो कलेक्टर कार्यालय के गेट की सीढिय़ों के पास खड़ी खी. वह गाड़ी में भूसा करकर ले गए और पेट्रोल भी साथ लाए थे. दोपहर के समय एक युवक ने गाड़ी में पेट्रोल छिड़का आग लगा दी, जिससे कुछ ही पलों में गाड़ी धू-धूकर जलने लगी. आग की लपटें देख कार्यालय में मौजूद लोगों ने अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. करीब 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दमकल ने आग पर काबू पाया, लेकिन उसके पहले गाड़ी जलकर खात हो गई थी. युवक ने किया खुद पर पेट्रोल डालने का प्रयास टाटा सूमों में आग शक्कर बाई के बेटे होतम सिंह ने लगाई थी. इस दौरान परिवार के एक युवक ने खुद पर भी पेट्रोल डालने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे बचा दिया. इस दौरान दूसरा युवक गाड़ी के बोनट पर चढ़कर हंगामा करने लगा, जिसे पुलिस के जवानों ने नीचे उतारा. जनसुनवाई कार्यक्रम के चलते मंगलवार को पुलिस कर्मचारी पहले से मौजूद थे, लेकिन आगजनी की इस घटना ने कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. यह है पूरा मामला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि नाथू बरखेड़ा में रहने वाली शुक्कर बाई की 13 एकड़ जमीन का सौदा वर्ष 2010 में शैलेंद्र पटेल के साथ हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई थी. इसको लेकर शैलेंद्र ने सिविल कोर्ट में केस लगाया तो फैसला शक्कर बाई के पक्ष में हुआ. उसके बाद शैलेंद्र ने एडीजे कोर्ट में केस लगाया तो कोर्ट ने रजिस्ट्री कराने के आदेश दिये. इसको लेकर शक्कर बाई ने जबलपुर हाईकोर्ट में केस लगाया, जो फिलहाल विचाराधीन है. अब शक्कर बाई और उनके परिवार वालों का कहना है कि कोर्ट केस चलते हुए लंबा समय बीत गया है, इसलिए उनके पक्ष में फैसला करवाया जाए. जिस जमीन का अनुबंध किया गया था, वह जमीन फिलहाल शक्कर बाई के कब्जे में ही है. परिवार वालों को आरोप है कि उन्हें धमकी दी जा रही है, तो इसकी जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि शक्कर बाई का एक मामला एसडीएम और दूसरा हाईकोर्ट में लंबित है. परिवार की जमीन को सुरक्षित रखा जाएगा और कोर्ट के निर्णय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. कार्यालय की बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था कलेक्टर कार्यालय के गेट पर हुई आगजनी की इस घटना को लेकर सख्त कदम उठाए जा हैं. घटना के बाद पूरे कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्थ बढ़ा दी गई है. कलेक्टर ने बताया कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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