विन्निपेग (कनाडा) 25 अगस्त (वार्ता) शार्वरी शेंडे ने अंडर-18 महिला रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप 2025 में भारत का अभियान समाप्त किया।
शेंडे ने रविवार को खेले गये फाइनल में कोरिया गणराज्य की तीसरी वरीयता प्राप्त किम येवोन को हराया। उन्होंने 5-5 से बराबरी पर छूटे मैच के बाद शूट-ऑफ में अपना संयम बनाए रखते हुए 10-9 से जीत हासिल की। सेमीफाइनल में उन्होंने पहले ही दक्षिण कोरिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त किम मिनजियोंग को 7-3 से हरा दिया था।
इससे पहले 16 वर्षीय तीरंदाज दीपिका कुमारी ने (2011) और कोमलिका बारी ने (2021) में इस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। शेंडे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उच्च रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वियों को चौंकाया।। इस जीत के साथ ही वह महिला अंडर-18 रिकर्व वर्ग में केवल तीसरी भारतीय विश्व चैंपियन बनीं।
16 वर्षीय भारतीय तीरंदाज ने फाइनल जीतने के बाद कहा, “क्या मैं सचमुच विश्व चैंपियन हूं। हे भगवान, यह अद्भुत था। मैं बस यही सोच रही थी कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करुंगी। एक तीर ही तय करेगा कि मैं विश्व चैंपियन बनूंगी या नहीं। मेरे कोच मुझसे कह रहे थे कि आत्मविश्वास रखो, खुद पर विश्वास रखो, तुम चैंपियन बनोगे।”
इसी सप्ताह की शुरुआत में शेंडे ने अंडर-18 महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक दिलाने में भी मदद की। अंतिम दिन गाथा खडके और अगस्तय सिंह ने अंडर-18 मिश्रित रिकर्व वर्ग में चीनी ताइपे को हराकर एक और कांस्य पदक जीता।
इन दो पदकों के साथ विश्व तीरंदाजी युवा चैंपियनशिप 2025 में भारत के कुल पदकों की संख्या आठ हो गई है। भारत ने इस प्रतियोगिता में चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य जीते हैं।
