
पांढुरना, जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नवीन भवनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य आयोजन मद अंतर्गत जिले में 13 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए कुल 1 करोड़ 45 लाख 86 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नीरज कुमार वशिष्ठ द्वारा प्रथम चरण में 09 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए कुल 1 करोड़ 98 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 11 लाख 22 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
प्रथम चरण में स्वीकृत 09 आंगनवाड़ी भवनों में पांढुरना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कराघाट कामठी के ग्राम कराघाट कामठी क्रमांक 03, ग्राम पंचायत रिधोरा के ग्राम रिधोरा ढाना, ग्राम पंचायत राजना के ग्राम राजना क्रमांक 03, नगर पालिका पांढुर्णा के अंबा वार्ड क्रमांक 01 तथा ग्राम पंचायत आंजनगांव के ग्राम आंजनगांव क्रमांक 02 शामिल हैं।
सौसर के इन ग्रामों में बनेंगे आंगनवाड़ी भवन 000
इसी प्रकार सौंसर क्षेत्र में ग्राम पंचायत साईंखेड़ा के ग्राम ढोडाबोरगांव, नगर परिषद लोधीखेड़ा के लोधीखेड़ा क्रमांक 03 एवं क्रमांक 04 तथा नगर परिषद मोहगांव के मोहगांव क्रमांक 15 में आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
चार आंगनवाड़ी की जगह ही नहीं हुई चिन्हित 000
जिले में प्रस्तावित शेष 04 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए स्थल चयन की कार्यवाही पूर्ण नहीं होने के कारण उनकी प्रशासकीय स्वीकृति जारी होना शेष है। संबंधित क्षेत्रों में उपयुक्त भूमि का चयन पूर्ण होने के उपरांत नियमानुसार प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने की कार्यवाही की जाएगी।
पंचायत द्वारा किया जाएंगा निर्माण 000
स्वीकृत आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण संबंधित ग्राम पंचायत, नगर पालिका एवं नगर परिषद के माध्यम से निर्धारित मापदण्डों एवं तकनीकी प्राक्कलन के अनुसार कराया जाएगा।
कलेक्टर ने दिए निर्देश 000
कलेक्टर द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों को मिलेंगा लाभ 000
आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण से जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे बच्चों के पोषण, प्रारंभिक बाल शिक्षा तथा महिलाओं से संबंधित विभागीय सेवाओं का संचालन सुविधाजनक एवं बेहतर वातावरण में किया जा सकेगा।
