नयी दिल्ली, 18 सितंबर (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली पारेषण कंपनी पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की निजी नियोजन के जरिये बॉन्ड जारी कर 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की योजना को निदेशक मंडल की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को बताया कि बॉन्ड पर निर्णय लेने वाली निदेशक मंडल की समिति ने आज अपनी बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। ये बॉन्ड असुरक्षित, गैर-परिवर्तनीय, गैर-संचयी, भुनाने योग्य और कर योग्य होंगे। ये बॉन्ड निजी नियोजन के आधार पर जारी किए जाएंगे। पावरग्रिड ने बताया कि मूल निर्गम 1,000 करोड़ रुपये का होगा। इसके साथ 4,000 करोड़ रुपये का ग्रीन शू विकल्प रखा जाएगा। इसका मतलब यह है कि अधिक बोली मिलने पर 5,000 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी किए जा सकेंगे।
बॉन्ड की अवधि 10 साल की होगी। आवंटन के चार साल पूरे होने के बाद भुगतान शुरू हो जाएगा। इसमें कितना ब्याज दिया जाएगा यह अभी तय नहीं किया गया है। यह बाद में तय होगा। इस घोषणा के बाद पावरग्रिड का शेयर आज दो रुपये (0.76 प्रतिशत) बढ़कर फिलहाल 265.50 रुपये पर है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में 30 जून को समाप्त पहली तिमाही में 9,795 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 3,411 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) 3.67 रुपये रही। तिमाही-दर-तिमाही राजस्व लगभग स्थिर रहा लेकिन शुद्ध लाभ और ईपीएस में बड़ी गिरावट देखी गई थी। इस साल 31 मार्च को समाप्त तिमाही में कंपनी को 4,553 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था और प्रति शेयर उसकी कमाई 4.90 रुपये रही थी।

