नई दिल्ली, केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय ने सेना की ‘अग्निपथ योजना’ में एक महत्वपूर्ण संशोधन करने का फैसला लिया है। नई घोषणा के अनुसार अब अग्निवीरों की कुल सेवा अवधि 4 साल के बजाय 6 साल तक बढ़ाई जा सकेगी। शुरुआती चार वर्षों के बाद 25 प्रतिशत उत्कृष्ट अग्निवीरों को सेना के स्थायी (रेगुलर) कैडर में चुन लिया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी सहमति, शारीरिक फिटनेस और अनुशासन के आधार पर 2 और वर्षों के लिए सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) का विकल्प दिया जाएगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि की इस घोषणा के बाद से योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
शुरुआती 4 वर्षों तक शादी पर रोक का नियम रहेगा बरकरार, 24 से 26 साल की उम्र को देखते हुए एक्सटेंशन अवधि में छूट पर विचार जारी
सेवा अवधि में 2 साल के विस्तार के बाद अब अग्निवीरों की शादी को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। मौजूदा नियमों के मुताबिक भर्ती के समय अविवाहित होना अनिवार्य है और शुरुआती 4 साल के कठिन प्रशिक्षण और ड्यूटी के दौरान शादी की अनुमति नहीं है। हालांकि, जो युवा 17.5 से 21 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुए थे, वे 6 साल की कुल सेवा पूरी करते-करते 24 से 26 वर्ष की आयु के हो जाएंगे। चूंकि यह उम्र युवाओं के विवाह और परिवार बसाने की होती है, इसलिए रक्षा विभाग के शीर्ष सूत्र इस बात पर विचार कर रहे हैं कि अतिरिक्त 2 वर्षों की अवधि के दौरान शादी से जुड़े नियमों में कुछ ढील दी जाए या नहीं।
रक्षा मंत्रालय जल्द जारी करेगा नए दिशानिर्देश, रेगुलर कैडर में शामिल होने वाले सैनिकों को स्थायी नियुक्ति के बाद मिलेगी विवाह की अनुमति
सशस्त्र बलों से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल शुरुआती 4 वर्षों में शादी पर लगी पाबंदी सख्ती से लागू रहेगी और इस पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। जो 25 प्रतिशत अग्निवीर 4 साल बाद रेगुलर कैडर में शामिल होंगे, उन्हें नियुक्ति के बाद भारतीय सेना के सामान्य सैनिकों की तरह शादी करने की पूरी अनुमति होगी। वहीं, 2 साल का एक्सटेंशन चुनने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए रक्षा मंत्रालय जल्द ही विस्तृत और आधिकारिक गाइडलाइंस जारी करेगा। सरकार का यह कदम देश की सुरक्षा आवश्यकताओं और युवाओं की व्यक्तिगत जरूरतों के बीच एक बेहतर संतुलन बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

