दिव्यांग अभ्यर्थी की उम्मीदवारी पर एक पद रिक्त रखने के निर्देश

जबलपुर : केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) एवं नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) की पीजीटी (फिजिक्स) भर्ती प्रक्रिया में शामिल दिव्यांग अभ्यर्थी हर्षा सोनी को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दस्तावेज सत्यापन के दौरान ओबीसी-एनसीएल प्रमाण पत्र और निर्धारित फंक्शनल डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं कर पाने के आधार पर उनकी उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में अंतरिम संरक्षण देते हुए संबंधित अधिकारियों को पीजीटी (फिजिक्स) का एक पद दिव्यांग श्रेणी में रिक्त रखने के निर्देश दिए हैं।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आकाश सिंघई ने पैरवी की।

न्यायमूर्ति विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने पारित आदेश में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), जबलपुर को भी लंबित प्रकरण का शीघ्र निराकरण करने कहा है। दरअसल, उम्मीदवारी निरस्त किए जाने के विरुद्ध हर्षा सोनी ने कैट, जबलपुर में याचिका दायर की थी। वहां से अंतरिम राहत नहीं मिलने पर उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली। सुनवाई के दौरान अभ्यर्थी की ओर से दिव्यांगता प्रमाण पत्र के तकनीकी पहलुओं के आधार पर उम्मीदवारी निरस्त किए जाने पर आपत्ति जताई गई।
युगलपीठ ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि दिव्यांग अभ्यर्थियों के मामलों में संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। केवल प्रमाण पत्र जारी होने अथवा उसे अपलोड किए जाने के तकनीकी आधार पर उनके दावों को खारिज नहीं किया जाना चाहिए, विशेषकर तब, जब प्रमाण पत्र पहले से विद्यमान दिव्यांगता को प्रमाणित करता हो।

Next Post

गरीबी में बचपन, बिना शादी 5 बच्चे... और अब सन्यास; क्रिस्टियानो रोनाल्डो के जीवन के अनसुने किस्से

Fri Nov 6 , 2026
Cristiano Ronaldo Biography: लिस्बन, रोनाल्डो ने 41 साल की उम्र में फुटबॉल से सन्यास ले लिया है। बेहद गरीबी में बचपना बीता और बिना शादी के 5 बच्चें। क्रिस्टियानो रोनाल्डो के जीवन के अनसुने किस्से यहां पढ़ें। जब भी फुटबॉल खेलते बच्चों से पूछा जाता है आगे क्या बनना है? […]

You May Like