नयी दिल्ली, 05 नवंबर (वार्ता) केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह छह नवंबर को देशभर में पांचवें डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान की शुरुआत करेंगे। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा और इसके तहत देश के 2,000 से अधिक शहरों और कस्बों में पेंशनभोगियों को डिजिटल तकनीक से जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने की सुविधा दी जाएगी। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान का शुभारंभ यहां रायसीना रोड स्थित राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में होगा। इसका उद्देश्य पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाना है।
अभियान में जीवन प्रमाण ऐप के माध्यम से चेहरे की पहचान (फेस ऑथेंटिकेशन) तकनीक पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके तहत पेंशनभोगियों को घर बैठे भी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इस अभियान में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पेंशनभोगी कल्याण संघों तथा रक्षा, रेलवे और डाक विभाग सहित विभिन्न मंत्रालयों और विभागों का सहयोग रहेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और राज्य सरकारें भी इसमें भाग लेंगी।
अभियान में 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के बुजुर्ग पेंशनभोगियों, महिला पेंशनभोगियों तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सुविधा देने पर जोर रहेगा।
उम्र या शारीरिक परेशानी के कारण अभियान केंद्रों तक नहीं पहुंच पाने वाले पेंशनभोगियों के लिए घर पर ही सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। इस अवसर पर डॉ. सिंह पिछले डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 4.0 की उपलब्धियों और पहलों पर आधारित संकलन पुस्तिका तथा कॉफी टेबल ई-बुक भी जारी करेंगे।

