आठवें वेतन आयोग के गठन के बीच रेलवे कर्मचारियों ने अपनी 5 प्रमुख मांगें रखीं, जिसमें जोखिम भत्ता, बेहतर पे-स्केल और महिला कर्मचारियों की कार्य-परिस्थितियों में सुधार शामिल है।
आठवें वेतन आयोग के गठन के बीच रेलवे कर्मचारियों की ओर से बड़ी मांगें सामने आई हैं। देश के सबसे बड़े रेलवे कर्मचारी संगठन AIRF (ऑल इंडिया रेलवेज फेडरेशन) ने आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के सामने अपनी 5 प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन ने तर्क दिया है कि रेलवे की कार्यशैली अन्य विभागों से काफी अलग है, जहां कर्मचारी साल के 365 दिन और 24 घंटे जोखिम भरे हालातों में काम करते हैं।
मुख्य मांगों में सभी श्रेणियों के लिए रिस्क और हार्डशिप अलाउंस (जोखिम भत्ता), लोको पायलट और ट्रैफिक रनिंग स्टाफ के कठिन कार्य घंटों में सुधार, ट्रैक मेंटेनर्स को तकनीकी दर्जा देना, तकनीशियनों के लिए बेहतर पे-स्केल व प्रमोशन के अवसर, तथा महिला रेलकर्मियों की कार्य-परिस्थितियों में सुधार शामिल हैं। आयोग ने इन सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना है, हालांकि अंतिम मुहर रिपोर्ट और सरकार के निर्णय के बाद ही लगेगी।
