
देवास। दूसरों को बीमारियों से बचाने और स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी जिस स्वास्थ्य विभाग पर है, उसी विभाग का अपना परिसर इन दिनों गंदगी और बदबू से बेहाल होकर बीमार है। जिला अस्पताल के समीप स्थित स्वास्थ्य विभाग के इस परिसर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। दीवारों के किनारे जमा कचरा अब ऐसा नजारा पेश कर रहा है, मानो यह कोई सरकारी कार्यालय परिसर नहीं, बल्कि ट्रेचिंग ग्राउंड हो।
हालात यह हैं कि यहां से गुजरने वाले लोगों के साथ ही कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी बदबू के बीच दिन गुजारना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि जिस विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी लोगों की सेहत की रक्षा करना है, उसी के परिसर में स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े मानकों की अनदेखी होती नजर आ रही है।
महत्वपूर्ण विभागों के दफ्तर-
जिला अस्पताल के समीप स्थित इस परिसर में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित हो रहे हैं। यहां मलेरिया विभाग, ड्रग इंस्पेक्टर का कार्यालय, औषधि एवं खाद्य प्रशासन विभाग सहित अन्य विभाग के दफ्तर हैं। इन कार्यालयों में प्रतिदिन अधिकारी, कर्मचारी और विभिन्न कार्यों से आने वाले लोग पहुंचते हैं। इसके बावजूद परिसर की स्थिति स्वच्छता के लिहाज से बेहद खराब बनी हुई है। दीवार के पास कचरा फैला हुआ है। जगह-जगह जमा गंदगी के कारण पूरे परिसर का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के परिसर में कचरे का ढेर-
इन दिनों दीपावली के मद्देनजर शहरभर में साफ-सफाई का दौर चल रहा है। घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों में विशेष सफाई की जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के इस परिसर में तस्वीर इसके उलट नजर आ रही है। यहां बाहरी लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों का कचरा लाकर फेंक रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग रात के अंधेरे में परिसर में कचरा डालकर चले जाते हैं। धीरे-धीरे यह कचरा बढ़ रहा है। परिसर का एक हिस्सा कचरा संग्रहण स्थल जैसा दिखाई दे रहा है। दिनभर हवा चलने पर कचरा इधर-उधर उड़ता रहता है और उसके साथ उठने वाली दुर्गंध कार्यालयों तक पहुंच रही है।
गंदगी से मच्छरों का खतरा-
परिसर में फैली गंदगी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को भी बढ़ा रही है। कचरे के ढेर और आसपास जमा गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम से जुड़े विभाग के आसपास ही मच्छरों का पनपना चिंता का कारण बना हुआ है।
कंडम घोषित भवन में भी चल रहे महत्वपूर्ण कार्यालय-
परिसर की समस्या केवल गंदगी तक सीमित नहीं है। यहां मलेरिया विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर का कार्यालय जिस भवन में संचालित हो रहा है, वह भी जर्जर स्थिति में है। बताया जा रहा है कि इस भवन को कंडम घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद यहां कार्यालय संचालित हो रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों को रोजाना इसी भवन में बैठकर काम करना पड़ रहा है। एक ओर परिसर में गंदगी और बदबू की समस्या है, वहीं दूसरी ओर जर्जर भवन में कार्यालयों का संचालन भी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
वर्जन-बाहरी लोग रात में फेंकते हैं कचरा, निगरानी बढ़ाएंगे
परिसर में समय-समय पर सफाई करवाई जाती है, लेकिन बाहरी लोग रात के समय यहां कचरा फेंककर चले जाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। जल्द ही सफाई भी करवाएंगे।- डॉ. सरोजनी जेम्स बेक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, देवास।
