
छिंदवाड़ा. पानी की समस्या को लेकर आज शहर कांग्रेस और कांग्रेस पार्षद दल ने कांग्रेस भवन से रैली निकाली और कलेक्ट्रेट गेट पर धरना प्रर्दशन कर विरोध प्रर्दशन किया. इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन कांग्रेस ने साफ इनकार करते हुए कहा कि ज्ञापन नगर निगम कमिश्नर को ही दिया जाएगा और उनसे पेयजल संकट को लेकर प्रत्येक बिन्दू पर चर्चा की जाएगी. नगर निगम कमिश्नर के आने पर कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन सौंप कर उनसे चर्चा की. बता दे कि कांग्रेसियों ने कांग्रेस कार्यालय से रैली प्रारंभ हुई और जिला अस्पताल, कोतवाली पुलिस थाना, अनगढ़ हनुमान मंदिर, महात्मा गांधी चौक से एक्सीलेंस स्कूल के बाजू से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची. कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों व आमजन ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने भाजपा सरकार, ननि, महापौर व सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कांग्रेसियों ने जितना जल, उतना ही कर, पानी हमारा अधिकार है, हमें नियमित पानी दीजिए जैसी तख्तियां हाथों में लिया था.कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग रखी है कि शहर के 48 वार्डों में दो से चार दिनों के अंतराल में पेयजल आपूर्ति दी जा रही है. पानी मटमैला व अशुद्ध दिया जा रहा है जिसके चलते आम जनता की सेहत में विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. दूषित पानी के उपयोग से लोग बीमार पड़ रहे हैं, माह के सम्पूर्ण 30 दिन किसी भी वार्डवासी को पेयजल नहीं मिल रहा है. फिर भी जनता से सम्पूर्ण 30 दिनों का जलकर लेना न्याय संगत नहीं है. जितना पानी उतना ही पैसा भी लिया जाए, मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ के कार्यकाल में निगम क्षेत्र के अंतर्गत 70 ट्यूबवेल का खनन किया गया था. उन सभी की तत्काल सफाई कराई जाए और उनमें विद्युत मोटर पम्प डालकर पेयजल के लिए उपयोग में लिया जाए , कुंओं की साफ-सफाई कराई जाए. प्रत्येक वार्ड में शासकीय हैंडपम्प लगाए जाए , शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कुछ वार्ड ऐसे हैं जहां टैंकरों से ही पेयजल आपूर्ति हो पाती है, उन वार्डों के साथ ही सम्पूर्ण 48 वार्डों के लिए पर्याप्त टैंकर का इंतजाम अविलम्ब किया जाए साथ ही प्रत्येक टैंकर के लिए डीजल के भी इंतजाम किए जाए .
अनेक बैठके होगई लेकिन समाधान शून्य : श्री ओक्टे
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने कहा कि कलेक्ट्रेट में पेयजल संकट को लेकर अनेक बैठकें हो चुकी है, लेकिन समाधान शून्य है. आश्वासन बहुत मिल चुके, अब हमें ठोस समाधान चाहिए। नियमित पानी कब तक मिलेगा इसकी तारीख तय होनी चाहिए . कमलनाथ एवं नकुलनाथ ने माचागोरा जलाशय से पाइप लाइन बिछाकर छिंदवाड़ा को पेयजल संकट से निजात दिलाई थी, किन्तु वर्तमान की भाजपा सरकार सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित है.
ट्यूबवेलों में मोटर पम्प क्यों नहीं डाले जा रह : श्री मागो
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो ने कहा कि कमलनाथ एवं नकुलनाथ के कार्यकाल में 70 ट्यूबवेल खनन हुए थे. उन बोरों में लगी मोटर पम्प भाजपा के लोग ले गए. निगम बताएं कि उन ट्यूबवेलों में मोटर पम्प क्यों नहीं डाले जा रहे. नये ट्यूबवेल खनन से पहले उन्हें चालू कर दिया जाए तो पेयजल संकट से कुछ हद तक राहत मिल जाएगी, लेकिन निगम का इस ओर ध्यान नहीं है. कांग्रेस के पार्षदगण विगत एक वर्ष से व्यवस्था बनाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन निगम ने ध्यान नहीं दिया.
नगर निगम की है लापरवाही : श्रीमति दाढ़े
निगम नेता प्रतिपक्ष हंसा अम्बर दाढ़े ने कहा कि पेयजल संकट की वजह बारिश नहीं, भाजपा शासित नगर निगम की लापरवाही है. समय पर व्यवस्थाएं बनाई जाती, जलस्रोतों पर ध्यान दिया जाता तो यह स्थिति नहीं बनती. महापौर अपने केबिन तक सीमित है और कमीश्नर को जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है.
