
बागली। शब्दों की शक्ति को समझने वाला व्यक्ति जानता है कि किसी की आराधना कभी निष्फल नहीं जाती। अक्षर का कभी क्षय नहीं होता, दुनिया नश्वर हो सकती है, लेकिन अक्षर अमर रहता है।
यह बातें राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन ने कही। वे साहित्यकार और कवि सुरेश उपाध्याय के जीवन पर आधारित लिखित पुस्तक ‘शब्द साधकः सुरेश उपाध्याय’ के विमोचन कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम के
मुख्य अतिथि बागली विधायक मुरली भंवरा ने कहा कि बागली क्षेत्र में उपाध्याय परिवार का साहित्य सेवा, सामाजिक जागरण और पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। परिवार द्वारा साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास अनुकरणीय है। कार्यक्रम में साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान सहेली सेवा फाउंडेशन इंदौर की अध्यक्ष श्वेता मनोज जोशी, पुस्तक के संकलनकर्ता लेखक अर्पण जैन और अधिवक्ता एसएन गोयल भी मौजूद रहे। आभार रितेश ईनाणी ने माना। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक वारिस अली ने करते हुए बताया कि बागली जैसी छोटी जगह से दिवंगत उपाध्याय जैसी साहित्यिक शख्सियत निकलना गर्व की बात है। उनके ही भाई दिवंगत गंगलेश उपाध्याय द्वारा अभिव्यक्ति मंच जैसी साहित्यिक संस्था का गठन करके इस क्षेत्र में बहुत सारी प्रतिभाओं को अवसर दिया अभी व्यक्ति मंच संस्था द्वारा विगत 20वर्षों से कई प्रतिभाओं को मौका दिया है। आज उसी परिवार के साहित्य सृजन करता की पुस्तक का विमोचन होना पूरे बागली के लिए गर्व की बात है। कार्यक्रम के दौरान बागली विधायक मुरली भंवरा ने कहा कि बागली क्षेत्र सांस्कृतिक क्षेत्र के साथ-साथ साहित्यिक क्षेत्र में भी अग्रणीय है। और उसका यह साक्षात उदाहरण आज गरिमामय समारोह में देखने को भी मिला।
