दिल्ली की हवा और हुई जहरीली, 14 निगरानी केंद्रों में दर्ज हुआ ‘गंभीर’ श्रेणी का प्रदूषण

नयी दिल्ली, 04 नवंबर (वार्ता) राजधानी दिल्ली का वायु प्रदूषण ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के चरण-दो के प्रतिबंधों के लागू होने के बावजूद बुधवार को और गंभीर हो गया। राजधानी की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रही और कई निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया।

सुबह छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 379 दर्ज किया गया, जो मंगलवार शाम चार बजे दर्ज 350 के स्तर से अधिक है, जो रात भर में हवा की गुणवत्ता में और गिरावट का संकेत देता है।

निगरानी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, 25 में से 14 केंद्रों पर ‘गंभीर’ प्रदूषण दर्ज किया गया, जबकि 10 केंद्र ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहे। आनंद विहार एकमात्र ऐसा स्टेशन था जहां 297 का एक्यूआई दर्ज किया गया और वह ‘खराब’ श्रेणी में रहा। मंदिर मार्ग पर सबसे अधिक 508 एक्यूआई दर्ज किया गया, जिसके बाद जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग में 447-447 दर्ज किया गया। रोहिणी में 433, विवेक विहार में 428, अलीपुर में 419, नरेला में 418, सोनिया विहार और आरके पुरम में 417-417, जबकि आईटीओ पर 414 एक्यूआई दर्ज किया गया। पटपड़गंज में 410, बवाना और सीरीफोर्ट में 408-408 तथा ओखला फेज-दो में 405 एक्यूआई दर्ज किया गया।

‘बहुत खराब’ हवा की गुणवत्ता दर्ज करने वाले अन्य केंद्रों में जेएलएन स्टेडियम (400), द्वारका (395), पूसा (389), नजफगढ़ (373), वजीरपुर (363), शादीपुर (346), अशोक विहार (342), नेहरू नगर (328), श्री अरबिंदो मार्ग (307) और दिलशाद गार्डन (303) शामिल हैं।

मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार सुबह के समय कुछ स्थानों पर हल्का कोहरा देखा गया। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है। पालम में न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस और लोधी रोड पर 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रिज और आयानगर वेदर स्टेशनों पर न्यूनतम तापमान क्रमशः 16.4 और 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों के दौरान शहर में 10 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चलीं।

इस बीच, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने आठ अधिकारियों की दो समितियां गठित की हैं, जो राजधानी भर में तैनात की जाने वाली 200 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन के मानकों की जांच करेंगी, ताकि सेवा में लगाए जाने से पहले उनका निर्धारित मानदंडों के अनुरूप होना सुनिश्चित किया जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि ये समितियां वाहनों का भौतिक रूप से निरीक्षण करेंगी और उपकरणों की कार्य स्थिति का आकलन करेंगी, इसके अलावा निविदा में निर्धारित विनिर्देशों और शर्तों के अनुपालन का सत्यापन करेंगी। नामित समितियों से फिटनेस प्रमाणन प्राप्त किए बिना किसी भी एंटी-स्मॉग गन वाहन को संचालित करने या तैनात करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सरकार के शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत धूल उत्सर्जन से निपटने के लिए इन मशीनों को निर्माण स्थलों और अन्य चिह्नित प्रदूषण हॉटस्पॉटों पर तैनात करने की योजना है।

मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में मुख्य रूप से आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है, जबकि छह नवंबर से सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध छाने के आसार है।

यह निरीक्षण पूरे शहर में धूल नियंत्रण प्रयासों को मजबूत करने के लिए रेखा गुप्ता सरकार के जारी निर्देशों के बाद किए जा रहे हैं।

 

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