वर्ष 2024-25 में विनिर्माण क्षेत्र के संयंत्र-मशीनरी के सकल मूल्य में 7.25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि: वार्षिक सर्वे

नयी दिल्ली, 4 अक्टूबर (वार्ता) सरकार की एक ताजा नियमित सर्वे रिपोर्ट के अनुसार देश में पंजीकृत विनिर्माण इकाइयों में लगे संयंत्र एवं मशीनरी के सकल मूल्य में वर्ष 2024-25 के दौरान सालाना आधार पर 7.25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (मोस्पी) के वार्षिक औद्योगिक सर्वे (2024-25) के खंड एक के अनुसार वर्ष के दौरान विनिर्माण क्षेत्र के कुल सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) में 89 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली विनिर्माण कंपनी क्षेत्र में चल रहे कारखानों की संख्या तथा उनमें कुल रोजगाररत लोगों की संख्या क्रमशः 3.45 प्रतिशत और 7.57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह सर्वे अक्टूबर-जून 2025-26 की अवधि में कराया गया था।

सर्वे पर आधारित बुधवार को जारी संक्षिप्त रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान संचालित कुल कारखानों में से 78.69 प्रतिशत कारखानों में संयंत्र एवं मशीनरी में निवेश 5 करोड़ रुपये तक था। विनिर्माण क्षेत्र की इकाइयों की स्थिर पूंजी में ऐसे कारखानों की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत है लेकिन कुल कामगारों की संख्या में इनकी हिस्सेदारी 34.32 प्रतिशत थी।

रिपोर्ट के अनुसार कुल उत्पादन में ऐसे कारखानों का योगदान 19.24 प्रतिशत तथा शुद्ध मूल्य वर्धन में (एनवीए) में योगदान 17.61 प्रतिशत था।

संयंत्र एवं मशीनरी में 10 करोड़ या उससे अधिक का सकल निवेश करने वाले कारखानों की हिस्सेदारी केवल 15.84 प्रतिशत थी लेकिन कुल स्थिर पूंजी में इनका योगदान 87.42 प्रतिशत, कुल रोजगार में 59.66 प्रतिशत, सकल उत्पादन में 76.82 प्रतिशत तथा कुल शुद्ध मूल्यवर्धन में 78.07 प्रतिशत था।

रिपोर्ट के अनुसार, ”यह भी देखा गया कि कुल परिचालनरत कारखानों में से 18.34 प्रतिशत कारखानों का सकल उत्पादन एक करोड़ रुपये तक है। इन कारखानों कुल स्थिर पूंजी में हिस्सेदारी 1.17 प्रतिशत, कुल नियोजित व्यक्तियों में 2.17 प्रतिशत, कुल पारिश्रमिक में 0.57 प्रतिशत और कुल उत्पादन में हिस्सेदारी 0.08 प्रतिशत थी।”

सर्वे के अनुसार वर्ष के दौरान 47.63 प्रतिशत परिचालनरत कारखानों का सकल उत्पादन 10 करोड़ से अधिक था। इन कारखानों की कुल स्थिर पूंजी में हिस्सेदारी 95.55 प्रतिशत, रोजगार में 88.78 प्रतिशत, कुल पारिश्रमिक में 94.57 प्रतिशत , कुल उत्पादन में 98.10 प्रतिशत तथा कुल शुद्ध मूल्यवर्धन में 97.87 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024-25 के दौरान निम्नलिखित पाँच प्रमुख उद्योगों ने मिलकर देश के कुल विनिर्माण रोजगार में 41 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया उनमें खाद्य उत्पाद , वस्त्र उद्योग , मूल धातु उद्योग , मोटर वाहन उद्योग और परिधान उद्योग शामिल थे।

सकल मूल्य वर्धन के आधार पर राज्यों की सूची में वर्ष 2024-25 में शीर्ष पांच राज्यों का योगदान 54 प्रतिशत से अधिक था। इनमें महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु , कर्नाटक और उत्तर प्रदेश का नाम है।

 

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