रचनात्मक पुलिसिंग से आशीष बागरी ने बनाई अलग पहचान

सिंगरौली :पुलिस की भूमिका केवल अपराधों पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक और सुरक्षित बनाने में भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
इसी सोच को अपनी रचनात्मक कार्यशैली का हिस्सा बनाकर सिंगरौली पुलिस के प्रधान आरक्षक आशीष बागरी जनजागरूकता के क्षेत्र में एक अलग पहचान बना रहे हैं। उनके प्रयासों में पुलिस सेवा का अनुभव, सामाजिक संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीक का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है। आशीष बागरी साइबर अपराधों से बचाव, यातायात नियमों के पालन, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, नशामुक्ति और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को गीतों, कविताओं और वीडियो संदेशों के माध्यम से आमजन तक पहुंचा रहे हैं। उनके द्वारा तैयार किए जा रहे जागरूकता गीत, पोस्टर, डिजिटल बैनर और सोशल मीडिया संदेश जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
यातायात सुरक्षा पर गीतो के जरिये संदेश
विशेष रूप से साइबर ठगी से बचाव, ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान और घटना होने पर तत्काल शिकायत कर ठगी की रकम होल्ड कराने की प्रक्रिया के प्रति लोगों को जागरूक करने में उनकी पहल महत्वपूर्ण है। वहीं यातायात सुरक्षा गीतों और संदेशों के जरिए हेलमेट के उपयोग तथा नियमों के पालन के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। सिंगरौली पुलिस की उपलब्धियों, महत्वपूर्ण कार्रवाइयों और जनहितकारी अभियानों को भी रचनात्मक माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने में उनका योगदान उल्लेखनीय है। उनकी यह पहल पुलिस और जनता के बीच संवाद तथा विश्वास को मजबूत करने का माध्यम बन रही है। आशीष बागरी का प्रयास बताता है कि रचनात्मकता और सकारात्मक सोच के जरिए पुलिसिंग को जनभागीदारी से जोड़कर समाज में सुरक्षा और जागरूकता की नई अलख जगाई जा सकती है।

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