नयी दिल्ली 04 नवंबर (वार्ता) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से महाराष्ट्र के शहरों में बालिकाओं की बिक्री और तस्करी की खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया। एनएचआरसी ने बुधवार को बताया कि आयोग ने मीडिया में प्रकाशित उस खबर पर संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं से लगे कई जिलों में बड़ी संख्या में नाबालिग बालिकाओं को उनके माता-पिता द्वारा तीन लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक में बिचौलियों को बेचा जा रहा है। इसके बाद बिचौलिए इन छोटी बच्चियों को गोद लिए हुए बच्चे दर्शाने वाले फर्जी दस्तावेजों की मदद से दूसरे स्थानों पर ले जाकर उनकी तस्करी करते है।
वयस्क होने पर उनकी व्यक्तिगत जानकारी में बदलाव करके उनकी पहचान छिपा दी जाती है और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में देह व्यापार के लिए उन्हें 35 लाख रुपये से 40 लाख रुपये तक में बेच दिया जाता है। आयोग ने कहा है कि यदि रिपोर्ट में दी गयी जानकारी सही है, तो ये पीड़ित बालिकाओं के मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। आयोग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों तथा पुलिस महानिदेशकों को नोटिस जारी कर इस मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

