नयी दिल्ली, (वार्ता) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश की संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली, सांसदों और स्थापित संस्थाओं का सम्मान करने तथा किसी भी मुद्दे पर तथ्यात्मक चर्चा में भाग लेने की खुली चुनौती दी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बहस की चुनौती देने वाले श्री गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि कांग्रेस नेता को अपनी कथनी और करनी का अंतर देखना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि श्री गांधी बहस के लिए जगह मांगते हैं, जबकि इसके लिए एक मंच संसद पहले से ही मौजूद है, जहां वे विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एसआईआर और ईवीएम पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए सवाल किया कि सोशल मीडिया पर उत्साह दिखाने वाला विपक्ष संसद में बहस के दौरान नजर क्यों नहीं आता।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के जवाब देने के दौरान श्री गांधी और उनकी पार्टी अक्सर सदन से वॉकआउट कर जाती है और सदन की कार्यवाही में लगातार बाधा डालती है।
कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर आयोजित ‘मॉक पार्लियामेंट’ की आलोचना करते हुए श्रीमती सीतारमण ने इसे ‘संसद का मजाक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करने वालों को उन संस्थाओं के प्रति भी सम्मान दिखाना चाहिए, जो इसके द्वारा स्थापित की गई हैं।
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि बिना सोचे-समझे मुद्दे उठाने के बजाय ठोस सबूत और आरोप पेश किए जाने चाहिए तथा विपक्ष के नेता के रूप में गंभीरता व जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
