कीव, 03 नवंबर (वार्ता) यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी जापोरिज्जिया क्षेत्र के एक गांव में सोमवार को रूस के हवाई हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई। रूसी सेना ने एक स्कूल को निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल मानवीय सहायता वितरण केंद्र के रूप में किया जा रहा था। क्षेत्रीय अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
जापोरिज्जिया के क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के कार्यवाहक प्रमुख मिखाइलो सेमिकिन ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर सीधे प्रसारण के दौरान बताया कि हमले में पांच लोग घायल हुए हैं, जबकि करीब 50 लोग अब भी लापता हैं। यह हमला कोमिशुवाखा गांव में हुआ।
आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, हमले के बाद रूसी सेना ने दोबारा हमला किया, जिसमें बचाव दल के दो सदस्यों और चार पुलिस अधिकारियों की भी मौत हो गई। घायलों में बचाव दल के दो अन्य सदस्य भी शामिल हैं, जिनका अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार रात अपने वीडियो संबोधन में कहा कि रूसी सेना ने सबसे पहले गांव के एक स्कूल पर हवाई बम गिराए। इस स्कूल का इस्तेमाल आश्रय स्थल के रूप में किया जाता था और प्रत्येक सोमवार को यहां मानवीय सहायता सामग्री वितरित की जाती थी।
श्री जेलेंस्की ने कहा कि स्कूल में कोई कक्षाएं नहीं चल रही थीं, क्योंकि यह गांव क्षेत्र के प्रमुख शहर जापोरिज्जिया के दक्षिण-पूर्व में अग्रिम मोर्चे के बेहद करीब स्थित है।
उन्होंने कहा, “रूसी सेना ने सबसे पहले उस समय हमला किया, जब लोग वहां पहुंच रहे थे। कुछ हवाई बम गिराए गए। इसके बाद दूसरा हमला हुआ, जिसमें और बम गिराए गए। इस बार निशाना आश्रय स्थल था। यह एक घृणित आतंकवादी हमला था।”
श्री जेलेंस्की ने दावा किया कि रूसी सेना को इस बात की जानकारी रही होगी कि कोमिशुवाखा में रह रहे लोग हर सप्ताह स्कूल में मानवीय सहायता के पैकेट लेने के लिए एकत्र होते हैं।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमले में जापोरिज्जिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा और दो अन्य बस्तियों के आसपास तैनात यूक्रेनी सैन्य इकाइयों को निशाना बनाया गया था। मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में दावा किया कि हमले में यूक्रेन के 25 सैनिक मारे गए। इसके अलावा 15 सैन्य वाहनों और एक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली को भी नष्ट कर दिया गया।
जापोरिज्जिया क्षेत्र की पुलिस ने बताया कि कोमिशुवाखा में पुलिसकर्मी और बचाव दल मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में पूरे इलाके में बिखरा मलबा धधकता दिखाई दे रहा है।
यह हमला पड़ोसी खेरसॉन क्षेत्र के दक्षिण-पश्चिम में स्थित ओलेश्की में मानवीय सहायता पहुंचाने और वहां से बाहर निकलने के इच्छुक निवासियों को सुरक्षित निकालने के लिए किए गए छह दिवसीय स्थानीय युद्धविराम की अवधि समाप्त होने के एक दिन बाद हुआ।
