वेतन संकट ने दो दिन रोकी शहर की जलापूर्ति

सिंगरौली । नगर पालिक निगम सिंगरौली की लचर व्यवस्था के चलते शहरवासी लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी पेयजल संकट से जूझते रहे। सोमवार से ठप जलापूर्ति का असर अब शहर के विभिन्न वार्डों में साफ दिखाई देने लगा है। घरों में नल सूखे पड़े हैं और लोग पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।

हालात ऐसे रहे कि जगह-जगह टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाकर लोगों की जरूरत पूरी करने की कोशिश की गई। हालांकि शाम तक जलापूर्ति शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन दिनभर लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन की उदासीनता भी सामने आई है। पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के संचालन में लगे कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिलने की स्थिति ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र की विभिन्न पानी टंकियों में चंद्रा और तेजस कंपनियों के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों का तीन से छ: महीने तक का वेतन लंबित है। हनुमान मंदिर, गनियारी, हर्रई, ढोटी, बनौली, तेलगवां और जुआड़ी सहित अन्य पानी टंकियों में कार्यरत कर्मचारियों को समय पर पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। आर्थिक तंगी से परेशान कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसका सीधा असर जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है।

ननि अध्यक्ष के आश्वासन के बाद कर्मचारी काम पर लौटे

इधर चर्चा है कि नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडेय ने निगम के अधिकारियों से बातचीत कर कर्मचारियों का लंबित मानदेय भुगतान कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि कर्मचारियों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब उनके खाते में बकाया राशि पहुंचेगी। मंगलवार को भी शहर में पेयजल के लिए मचे हाहाकार ने निगम की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब जलापूर्ति संभालने वाले कर्मचारियों को ही समय पर भुगतान नहीं होगा तो शहर की पेयजल व्यवस्था सुचारू कैसे चलेगी? अब देखना होगा कि निगम प्रशासन लंबित भुगतान के साथ नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कब ठोस कदम उठाता है?

जिला चिकित्सालय में पेयजल संकट,टैंकर सहारा

जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में ननि के अमृत जलापूर्ति के ठप्प होने का असर कल दोपहर से ही दिखाई दे रहा है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि का कहना है कि कल दोपहर तक टंकियों में पानी भरा था, इसके बाद टैंकर का सहारा लेना पड़ा है। आज मंगलवार की सुबह और शाम के वक्त भी टैंकर से जलापूर्ति कराई जा रही है। यहां बताते चले कि अमृत नल-जल योजना के ऑपरेटरो ने लंबित मानदेय भुगतान को लेकर 29 सितम्बर को ध्यान आकृष्ट कराया गया था और कर्मचारी हड़ताल पर चले गये थे, जिसके बाद संबंधित कर्मचारियों को एक महीने का वेतन जारी किया गया, जिससे उन्हें थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन उसके बाद फिर भुगतान की प्रक्रिया अटक गई और कई महीनों का मानदेय बकाया हो गया।

इनका कहना:-

भुगतान संबंधी मामला है, ठेकेदार से बातचीत हुई है, सुबह से जलापूर्ति चालू करा दी गई है और भुगतान के लिए आश्वासन दिया गया है।

सविता प्रधान

आयुक्त, नपानि सिंगरौली

इनका कहना:-

इस संबंध में आयुक्त एवं ठेकेदार से बातचीत की गई है। जलापूर्ति बहाल हो गई है। पहले प्रमुख स्थान जिला चिकित्सालय स्थानों में आवश्यकता था, वहां पर आपूर्ति की जा रही है। मानदेय भुगतान का मामला था, वह सुलझ गया है।

देवेश पाण्डेय

अध्यक्ष, नपानि सिंगरौली

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