
देवास। कृषि उपज मंडी में इन दिनों सोयाबीन सहित अन्य उपज की भारी आवक हो रही है। दूर-दराज से किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति उनके लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंडी के प्रांगण क्रमांक 2 में कहीं सड़कें उखड़ी हैं तो कहीं बड़े प्लेटफॉर्म की फर्श टूटकर बिखर रही है। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। जगह-जगह कचरे के ढेर और पानी की टंकियों के आसपास जमा गंदा पानी मंडी की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
सड़कें उखड़ीं, वाहनों के साथ उड़ती है धूल-
मंडी के प्रांगण क्रमांक 2 में सड़कों की हालत खराब हो चुकी है। कई स्थानों पर सड़क की सतह पूरी तरह उखड़ गई है। उनमें गिट्टियां बाहर निकल रही है। जब किसान अपनी उपज लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से यहां से गुजरते हैं तो धूल के गुबार उड़ते हैं। इससे किसानों, व्यापारियों और मंडी में काम करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्लेटफॉर्म की फर्श उखड़ी-
मंडी के बड़े प्लेटफॉर्म की स्थिति भी कुछ इसी तरह है। यहां फर्श की टाइल्स जगह-जगह से निकल चुकी हैं। उखड़ी फर्श को व्यवस्थित तरीके से हटाकर मरम्मत भी नहीं की गई है। निकली हुई फर्शियों के टुकड़े प्लेटफॉर्म के नीचे ही फेंक दिए गए हैं। प्लेटफॉर्म पर निकली हुई फर्शियों के कारण किसानों और व्यापारियों के पैर फंसने या चोटिल होने की आशंका बनी हुई है।
टंकियों के आसपास गंदा पानी, सफाई व्यवस्था भी सवालों में-
मंडी परिसर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। वहीं पानी की टंकियों के आसपास गंदा पानी जमा है। ऐसे में पेयजल की स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस स्थान पर किसान और व्यापारी बड़ी संख्या में दिनभर मौजूद रहते हैं, वहां साफ पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था प्राथमिकता होनी चाहिए।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था-
भारतीय किसान संघ के जिलामंत्री शेखर पटेल ने मंडी की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर कई बार मंडी प्रशासन को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। इन दिनों मंडी में कृषि उपज की आवक अधिक है। इसके बावजूद किसानों को सुविधाओं के नाम पर उड़ती धूल, टूटे प्लेटफॉर्म और अस्वच्छ वातावरण मिल रहा है। अगर मंडी में जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो हमारे सामने आंदोलन का ही रास्ता रहेगा।
वर्जन: निरीक्षण कर निर्देश देंगे-
कृषि उपज मंडी में किसानों एवं व्यापारियों को सुविधा मिलनी चाहिए। परअगर यहां अव्यवस्था है तो निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। – प्रवीण चौधरी, संयुक्त संचालक, आंचलिक कार्यालय उज्जैन
